चंडीगढ़। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने शुक्रवार को सेक्टर-39 स्थित आम आदमी पार्टी कार्यालय में पहली साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस की। आप के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस अहलूवालिया, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की, नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह और गुरबक्श रावत ने भाजपा पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की साजिश है कि मेयर चुनाव, लोकसभा चुनाव तक टल जाए ताकि तब तक उनका ही मेयर शहर में बना रहे।आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस अहलूवालिया ने कहा कि शहर में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। भाजपा को पता है कि उनके पास जीत के लिए नंबर नहीं है तो वह हर हथकंडे अपना रही है। कहा कि गुरिंदर सिंह सोढ़ी को हटाने के बाद प्रशासन ने ईशा कंबोज को मेयर चुनाव की जिम्मेदारी दी है लेकिन जब से वह बनी हैं, उन्होंने आम आदमी पार्टी व कांग्रेस के किसी पार्षद का फोन नहीं उठाया है। ऐसा लग रहा है कि पूरा तंत्र ही भाजपा के दबाव में काम कर रहा है। इससे तंग आकर ही पार्टी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि उन्होंने अब तक शहर में 27 मेयर चुनाव देखे हैं। हैरानी की बात है कि जब गुरिंदर सिंह सोढ़ी की तबीयत खराब हुई तो प्रशासन ने कुछ ही घंटे में नया सचिव नियुक्त कर दिया लेकिन जब पीठासीन अधिकारी की तबीयत खराब हुई तो अब तक किसी अन्य की ड्यूटी नहीं लगाई। इससे चुनाव ही टाल दिया गया। यह सब कुछ साफ बताता है कि प्रशासन के अधिकारी भाजपा के इशारों पर काम कर रहे हैं। कहा कि चुनाव टालकर भाजपा ने पूरे देश में यह संदेश देने की कोशिश की है कि जहां भी उनके पास जीत के आंकड़े नहीं होंगे, वह चुनाव ही नहीं होने देंगे।
भाजपा के मेयर ने पार्षदों की आवाज दबाईः दमनप्रीत सिंह
नेता प्रतिपक्ष दमनप्रीत सिंह ने कहा कि भाजपा चुनाव से भाग रही है। इससे जाहिर होता है कि गठबंधन का उनमें कितना खौफ है। उन्होंने मेयर अनूप गुप्ता पर कई सवाल उठाए। कहा कि उनका कार्यकाल फेल रहा है। कोई भी सदन ठीक से नहीं चला। जिस भी पार्षद ने शहर की जनता की आवाज बनने की कोशिश की, उसे दबा दिया गया और सदन से बाहर कर दिया। भाजपा चाहे जितने मर्जी हथकंडे अपना ले, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस एकजुट हैं। इस बार भाजपा का नगर निगम से सफाया करके मानेंगे।
निगम के अधिकारियों को गेट पर आकर देनी चाहिए थी जानकारीः रावत
कांग्रेस की पार्षद गुरबक्श रावत ने कहा कि भाजपा शासित चंडीगढ़ प्रशासन नियमों की धज्जियां उड़ा रहा है। वीरवार को सिर्फ एक मैसेज का हवाला देकर मेयर चुनाव टाल दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नगर निगम के अधिकारियों की यह जिम्मेदारी नहीं बनती कि अगर चुनाव टाल भी दिया गया था तो वह नगर निगम के गेट पर खुद आकर इसकी जानकारी पार्षदों को देते और उसके कारण बताते लेकिन ऐसा नहीं किया गया। कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पार्षदों को धक्के मार कर वहां से भगा दिया गया। ये चंडीगढ़ की जनता का अनादर है। लोग यह देख रहे हैं और भाजपा को सबक सिखाएंगे।