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सविता भट्टी के 'आप' की टिकट लौटाने की 4 वजहें

Mon, 10 Mar 2014 09:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कामोडियन जसपाल भट्टी की पत्नी सविता भट्टी को जब आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया गया तो कयास लगाए जाने लगे कि चंडीगढ़ लोकसभा का चुनाव का मुकाबला अब कड़ा होगा।
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टिकट घोषित होते ही उन्होंने प्रचार के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। लोग जुड़ने लगे, प्रचार की भी चर्चा भी होने लगी थी, लेकिन इस बीच वालंटियर उनसे दूर होने लगे। उनके खिलाफ अंदर खाते एक मुहिम चल पड़ी। पार्टी हाईकमान को दर्जनों मेल भेजी गईं।

पार्टी छोड़ने की ये है पहली मेन वजह

बीते शनिवार को पार्टी की बैठक में उनके खिलाफ मोर्चा खोले कार्यकर्ताओं ने उनके चुनाव प्रचार पर सवाल खड़े कर दिए। बात जसपाल भट्टी तक पहुंच गई। सवाल उठा कि प्रचार के दौरान पार्टी का नाम कम और जसपाल भट्टी नाम ज्यादा लिया जा रहा है।

इससे भट्टी को काफी धक्का पहुंचा और कहीं न कहीं नाम वापस लिए जाने के पीछे यह भी एक प्रमुख कारण रहा। प्रेस वार्ता में कई ऐसे सवाल उठे, जिनका जवाब देते-देते बाद में वे भावुक भी हो गईं।

'विरोधियों पर हमले बोलना मेरा लक्ष्य नहीं'

विरोधियों पर हमले न बोलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वे शालीनता से चुनाव लड़ना चाहती थीं। किसी भी निगेटीविटी का प्रचार के पक्ष में नहीं थीं। इस बारे में शुरू से ही मेरा यही स्टैंड था।

टिकट मिलने के बाद भी मैंने यही कहा था। उन्होंने इशारों-इशारों में यह कहा कि कुछ स्थानीय नेताओं और उनकी सोच नहीं मिल रही थी। वे अपने तरीके से चुनाव प्रचार करना चाह रही थी।

पार्टी में गुटबाजी चर्म पर

इस बारे में पहले भी चर्चा थी कि पार्टी में गुटबाजी चर्म पर है। सविता भट्टी को टिकट मिलने के बाद पार्टी के कुछ नेता नाराज हो गए थे। उन्होंने कहा कि वे पार्टी की शुक्रगुजार हैं कि उन्हें यहां से चुनाव लड़ने का मौका दिया गया।

पार्टी के पास कई प्लान हैं। यदि प्लान ए सही नहीं बैठा तो पार्टी के पास प्लान बी भी है। केजरीवाल की मुहिम एक सोच है। वे इस सोच के साथ हमेशा जुड़ी रहेंगी। जसपाल भट्टी की भी यही सोच यही थी। उन्होंने कहा कि हमारे काम का आधार ही करप्शन के खिलाफ जंग रही है। वे जसपाल भट्टी कभी नहीं बन सकती। भट्टी जी भट्टी जी ही रहेंगे।

प्रेस कांफ्रेंस में एक भी वालंटियर नहीं

भट्टी की प्रेस कांफ्रेंस में आम आदमी पार्टी का एक भी वालंटियर मौजूद नहीं था, जबकि उनकी प्रेस कांफ्रेंस के बारे में सुबह ही सूचना आ गई थी।

पार्टी के वे कार्यकर्ता गायब थे, जो एक दिन पहले उनके पक्ष में नारेबाजी कर रहे थे। पार्टी के अन्य कार्यकर्ता भी प्रेस कांफ्रेंस में नहीं पहुंचे।
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सिर्फ दावेदारी छोड़ी है पार्टी नहीं

आम आदमी पार्टी की ओर से लोकसभा चुनाव लड़ने से मना करने के एक दिन बाद सविता भट्टी ने कहा कि उन्होंने सिर्फ दावेदारी छोड़ी है पार्टी नहीं। पार्टी व उनका विजन एक है। वे पार्टी के साथ काम करती रहेंगी। पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन भी देंगी। ये बात उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कही।

उन्होंने कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों से नहीं भाग रही हैं। पार्टी ने उनकी बात मान ली है और जल्द ही दूसरे उम्मीदवार का नाम भी घोषित कर दिया जाएगा।
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