आखिरकार लंबे असमंजस के बाद आम आदमी पार्टी ने पंजाब में निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला कर लिया है। पार्टी के सूबा कंवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर ने शीर्ष नेताओं के साथ सलाह-मश्विरे के बाद रविवार शाम यह फैसला लिया। ‘आप’ के इस फैसले से कांग्रेस और शिअद-भाजपा को जरूर राहत मिलेगी।
सभी दलों की नजरें आप के फैसले पर लगी थीं। दिल्ली विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल के नतीजों के बाद तो आप का चुनाव लड़ना और अहम हो गया था, क्योंकि दिल्ली के नतीजों का सीधा असर पंजाब पर पड़ने के आसार थे।
दिल्ली में व्यस्तता के चलते आप ने पंजाब में निकाय चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। सूत्रों के मुताबिक, चुनाव न लड़ने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि समय बहुत कम बचा है और पार्टी की तैयारी पूरी नहीं हैं।