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'आप' ने पंजाब में किया 4500 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश

Mon, 16 May 2016 11:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैग की रिपोर्ट ने सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर पहले भी सवाल उठाए हैं। - फोटो : demo pic
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आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 4500 करोड़ रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया और हाईकोर्ट से जांच करवाने की मांग की। पंजाब के फूड सप्लाई महकमे में 12000 करोड़ रुपये का अनाज घोटाला सामने आने के बाद अब आम आदमी पार्टी (आप) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अरबों रुपये के एक और घोटाले का दस्तावेजी सबूतों समेत पर्दाफाश किया है। पार्टी का दावा है कि पीडीएस से जुड़ा यह घोटाला सूबे में एक दशक से भी ज्यादा समय से जारी गोलमाल का नतीजा है।
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शनिवार को यहां प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पार्टी के नेता अमन अरोड़ा ने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरों के मंत्रालय में 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला हुआ है। इसकी पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की निगरानी में समयबद्ध तरीके से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पीडीएस से जुड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की योजनाओं और राशन डिपो का रिकार्ड

मीडिया के सामने पेश करते हुए आप नेता ने कहा कि 4500 करोड़  रुपये से ज्यादा का यह आंकड़ा राशन डिपो के जरिये वितरित किये जाने वाले अकेले गेहूं पर आधारित है। यदि इसमें पीडीएस के तहत वितरित किये जाने वाली दालें, चीनी और मिट्टी के तेल में होने वाली हेराफेरी को शामिल कर लिया जाए तो यह घोटाला 8000 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकता है, बशर्ते इसकी जांच हाईकोर्ट के सिटिंग जज के जरिये कराई जाए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के अलावा उन्हें पंजाब और केंद्र सरकार की किसी भी जांच एजेंसी पर कोई भरोसा नहीं है।
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तीन राशन डिपो नमूने के तौर पर पेश किए

राशन घोटाला - फोटो : file photo
सुनाम के गांव बीर कलां के तीन राशन डिपो के रिकार्ड को नमूने के तौर पर पेश करते हुए आप नेता ने कहा कि जिन परिवारों या लाभार्थियों के नाम पर घपला जारी है, उन्हें इसकी भनक तक नहीं है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत दो श्रेणियों प्रायरिटी होल्डर (पीएच) और अंतोदय अन्न योजना (एएवाई) के साथ पंजाब सरकार की आटा-दाल योजना के तहत करीब 29 लाख कार्डधारक लाभार्थी परिवार हैं। पीएच कार्डधारक लाभार्थी परिवार के प्रत्येक सदस्य को पांच किलो और एएवाई के तहत 35 किलो प्रति परिवार (प्रति कार्ड) गेहूं हर महीने मिलता है।

निर्धारित शर्त के मुताबिक एक परिवार किसी एक श्रेणी का लाभ ले सकता है। कार्डधारक की यूआईडी (आधार कार्ड) सीडिंग नंबर दर्ज करना अनिवार्य है, लेकिन विभाग ने 47 फीसदी कार्ड में यूआईडी नंबर डाला। इतना ही नहीं, एक ही व्यक्तिको दो-दो, चार-चार जगह लाभार्थी सूची में दर्ज कर दिया गया। एक व्यक्ति को किसी स्थान पर मां का बेटा दर्शाया गया तो कहीं पिता का बेटा।

कहा कि कुछ स्थानों पर अंग्रेजी में लिखे नाम के स्पेलिंग्स को गलत कर दिया गया, ताकि कंप्यूटराइज्ड तकनीक से भी उनकी चालाकी पकड़ी न जा सके। कुछ मृतकों के नाम पर राशन जारी दिकाया गया तो शादी के बाद भी कुछ युवतियों के मायके में राशन मिलता रहा। जबकि हकीकत में यह सब घोटाला है।
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