आम आदमी पार्टी (आप) की महिला विधायकों ने पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जिम्मेदार ठहराया है। राज्य में आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों में कानून-व्यवस्था का भय नहीं रहा है। इसके बाद भी कैप्टन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। आप विधायकों ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान को भी शर्मनाक बताया है।
आप मुख्यालय से जारी संयुक्त बयान में उपनेता प्रतिपक्ष सरबजीत कौर मानूके, विधायक प्रो. बलजिंदर कौर और रूपिंदर कौर रूबी ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं बची है। पुलिस प्रशासन और बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के मामलों में अधिकारियों के अत्यधिक हस्तक्षेप ने सब कुछ बर्बाद कर दिया है। हर तरफ भय का माहौल है।
केवल असामाजिक तत्वों और अपराधियों का मनोबल ऊंचा है। इसके बाद भी सिसवां के शाही फार्म हाउस में मुख्यमंत्री को बच्चियों के रोने या माता-पिता के रोने की आवाज नहीं सुनाई दे रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में वर्ष 2018-19 के दौरान दुष्कर्म के 5,058 मामले दर्ज किए गए लेकिन केवल 30 प्रतिशत पीड़ितों को न्याय मिला। शेष 70 प्रतिशत न्याय के लिए अभी भी भटक रही हैं।
आप विधायकों ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा टांडा की घटना के बारे में की गई ‘पिकनिक’ टिप्पणी को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को संकीर्ण राजनीति के शिखर के रूप में करार दिया। महिला विधायकों ने मांग की है कि अमरिंदर सिंह को इसके लिए तुरंत मुख्यमंत्री पद त्याग देना चाहिए।