कंग ने कहा कि पंजाब सरकार ने अपनी झांकियों का जो कॉन्सेप्ट भेजा था, उसमें पहली नारी शक्ति के रूप में माई भागो को दर्शाया गया था। दूसरी झांकी पंजाब के शहीदों की और तीसरी झांकी पंजाब के विरासत पर थी। इन झांकियों को भारत सरकार की ऑफिशियल वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है लेकिन सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की फोटो होने का झूठ बोलकर पंजाब के लोगों को धोखा दिया। हमें उनसे इस तरह की घटिया झूठ बोलने की उम्मीद नहीं थी।
कंग ने गुजरात और महाराष्ट्र की झांकी के कॉन्सेप्ट का जिक्र किया और कहा कि गुजरात और महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार है और दोनों राज्यों के कॉन्सेप्ट में वहां की संस्कृति दिख रही है। महाराष्ट्र की झांकी में वहां की संस्कृति के साथ स्वतंत्रता सेनानियों- शिवाजी महाराज और डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर है। वहीं गुजरात की झांकी में वहां की महिला शक्ति और संस्कृति को दिखाया गया है।
पंजाब की झांकी में भी एक माई भागो (महिला शक्ति), दूसरा यहां की संस्कृति और तीसरे में यहां के शहीदों की कुर्बानी थी। फिर भी पंजाब का कॉन्सेप्ट खारिज किया गया। कंग ने कहा कि जिन राज्यों में भाजपा सरकार है, उनको पांच साल से लगातार 26 जनवरी की परेड में जगह दी गई है लेकिन पंजाब को इन्होंने दूसरी बार लगातार परेड से बाहर किया है।