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केजरीवाल का इंडस्ट्री मेनिफेस्टो, 21 वादों के साथ कारोबारियों को लुभाएगी

Sat, 22 Oct 2016 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Kissan Menifesto Launched - फोटो : File Photo
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आम आदमी पार्टी राज्य के उद्यमियों और कारोबारियों से 21 वादों के साथ अपना मेनिफेस्टो लाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर अरविंद केजरीवाल 23 अक्तूबर को लुधियाना में इंडस्ट्री और ट्रेड पर आधारित मेनिफेस्टो रिलीज करेंगे।
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यूथ व किसान के बाद यह पार्टी का तीसरा मेनिफेस्टो है। इसके बाद अनुसूचित जाति वर्ग पर आधारित मेनिफेस्टो रिलीज किया जाएगा। पार्टी की मेनिफेस्टो कमेटी के प्रमुख कंवर संधू ने पीपुल्स कनवेंशन सेंटर में प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि केजरीवाल तीन दिन पंजाब में रहेंगे।

23 को लुधियाना में मेनिफेस्टो रिलीज करने के बाद वह मंडी गोबिंदगढ़ जाएंगे। वहां पार्टी के मेनिफेस्टो पर उद्यमियों से चर्चा की जाएगी। 24 को वह तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकेंगे। उसके बाद बठिंडा में उद्यमियों और कारोबारियों के साथ बैठक करेंगे। शाम छह बजे वह जालंधर में उद्यमियों और कारोबारियों को साथ मेनिफेस्टो पर चर्चा करेंगे।
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केजरीवाल 23 को लुधियाना में रिलीज करेंगे इंडस्ट्री मेनिफेस्टो

kejriwal at gurudwara - फोटो : File Photo
25 अक्तूबर को सुबह बटाला में कारोबारियों के साथ केजरीवाल की मीटिंग है। जबकि, शाम को मोहाली के शिवालिक पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम रखा गया है। जहां वह उद्यमियों और व्यापारियों के साथ मेनिफेस्टो पर बात करेंगे, उनके सुझाव भी लेंगे। संधू ने बताया कि पंजाब डायलॉग की टीम ने सात अलग-अलग जगह डायलॉग किए। कारोबारियों, रिएल्टर, ट्रांसपोर्टर, आढ़तियों, शेलर, उद्यमियों से सुझाव लिए। इसके अलावा करीब दो हजार और सुझाव आए थे।

ट्रेड विंग ने भी करीब तीस बैठकें करके अपने इनपुट दिए। इसके बाद 21 प्वाइंट का मेनिफेस्टो बनाया गया है। इस प्रक्रिया में सामने आया कि सरकार के दावों के बीच इंडस्ट्री की हालत बेहद खराब है। मंडी गोबिंदगढ़ में पांच सौ से घट कर सिर्फ सौ इकाइयां रह गई हैं।

जालंधर से स्पोर्ट्स इंडस्ट्री मेरठ और जेएंडके शिफ्ट हो रही है। रियल एस्टेट में मंदी है। टोल टैक्स भी बड़ी समस्या है। रेहड़ी वालों को भी महीना देना पड़ता है। ट्रेड विंग के प्रमुख अमन अरोड़ा ने कहा कि पिछले साल तक 18 हजार से ज्यादा इकाइयां पलायन कर चुकी थीं। मंडी गोबिंदगढ़ में एक व्यक्ति की तीन फैक्ट्रियां थीं, आज वह भटूरे की रेहड़ी लगाता है।
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