संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। कस्बा लोपोके के सरकारी अस्पताल में 35 वर्षीय विनोद कुमार ने आत्महत्या कर ली। परिवार ने अस्पताल स्टाफ और डॉक्टरों पर घोर लापरवाही, अमानवीय व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
परिवार के अनुसार, 13 जनवरी को लोहड़ी वाले दिन सुबह 10 बजे सांस लेने में दिक्कत के कारण विनोद को किसी अज्ञात व्यक्ति ने लोपोके अस्पताल के इमरजेंसी रूम में भर्ती कराया। उसके बड़े भाई प्रवीण कुमार ने बताया कि सुबह करीब 11.54 बजे मोबाइल पर बात के दौरान विनोद ने रोते हुए कहा कि दो घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो डॉक्टरों ने इलाज किया और न ही उसे अमृतसर रेफर किया। बातचीत के दौरान, विनोद ने डॉक्टरों और स्टाफ के धमकाने और गाली-गलौज करने की आवाजें सुनीं।
परिवार का कहना है कि अस्पताल की लापरवाही और गलत बर्ताव से मानसिक रूप से टूटकर विनोद ने पानी की टंकी की ग्रिल से लटककर आत्महत्या कर ली। पोस्टमॉर्टम के बाद 14 जनवरी को उनका अंतिम संस्कार दुर्गियाना मंदिर के शिवपुरी श्मशानघाट पर किया गया। प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि समय पर उचित इलाज और इंसानियत भरा व्यवहार किया गया होता तो उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी डॉक्टरों, स्टाफ और मैनेजमेंट के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने, लापरवाही व अन्य कानूनी धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। परिवार ने पुलिस को मोबाइल रिकॉर्डिंग, बॉडी रसीद और श्मशान घाट की रसीद भी सौंप दी है।