हमें तीन दिन पहले बताया गया कि ब्लैक फंगस नाम की बीमारी हो गई है और कहा कि यहां से मरीज को ले जाएं। हमने अपने स्तर पर रोहतक, हिसार और बड़े अस्पतालों में पता किया लेकिन सभी बेड खाली न होने की जानकारी मिली। सरकारी अस्पताल प्रशासन कुछ नहीं कर रहा है। बुधवार रात को इंजेक्शन मंगवाए लेकिन अभी तक उपचार शुरू नहीं किया गया है। मरीज को सिर में दर्द हो रहा है और बोलने में भी दिक्कत हो रही है। - सुरेश कुमार, मरीज का भांजा।
मरीज कोविड से निकल चुका है और अब संक्रमित नहीं है। उसमें ब्लैक फंगस के लक्षण दिख रहे हैं, इसलिए उसे रेफर किया जा रहा है। नॉन कोविड मरीज के लिए बेड की बड़े अस्पताल में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मरीज की काउंसिलिंग भी की गई है। ऑपरेशन होना है, जो कि यहां संभव नहीं है। जहां तक उपचार की बात है, रात को ही डॉक्टर को भेजा गया था। - डॉ. राजेश चौधरी, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी।