चंडीगढ़। इंजीनियरिंग विभाग चंडीगढ़ के अंतर्गत स्थापित ऊर्जा प्रबंधन प्रकोष्ठ (एसडीए) द्वारा ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता पर एक टिप शीट और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य नागरिकों, भवन स्वामियों, वास्तुकारों तथा इंजीनियरों के बीच ऊर्जा-कुशल और सतत भवन निर्माण संबंधी जागरूकता को बढ़ावा देना है। यह दस्तावेज ईएमसी/एसडीए चंडीगढ़ और द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है।
टिप शीट और प्रश्नों का औपचारिक विमोचन प्रेरणा पुरी, सचिव इंजीनियरिंग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा किया गया। इस अवसर पर सौरभ कुमार अरोड़ा, संयुक्त सचिव (एस्टेट), चंडीगढ़ प्रशासन तथा सीबी ओझा, मुख्य अभियंता, यूटी चंडीगढ़ भी उपस्थित रहे।
टिप शीट में आवासीय एवं वाणिज्यिक भवनों के लिए ऊर्जा-कुशल भवन डिज़ाइन, सतत प्रथाओं को अपनाने तथा ऊर्जा-कुशल उपकरणों के उपयोग संबंधी सरल एवं व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया है। वहीं प्रश्नों में ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता, इसके उद्देश्यों तथा ऊर्जा-कुशल भवन प्रथाओं को अपनाने से होने वाले लाभों से संबंधित सामान्य प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं।
इस अवसर पर बताया गया कि ये दस्तावेज के प्रावधानों को सरल तरीके से समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे तथा बिल्डरों, वास्तुकारों और अन्य हितधारकों को निर्धारित मानकों के अनुपालन में सहायता प्रदान करेंगे, जिससे चंडीगढ़ में ऊर्जा संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।