चंडीगढ़। पुटा चुनाव होने के बाद पीयू में सीनेट चुनाव के रास्ते धीरे-धीरे खुलते जा रहे हैं। सीनेट के ग्रुप तैयारी में जुट गए हैं। रविवार को एक ग्रुप के कुछ शिक्षकों ने गोपनीय बैठक करके आगामी रणनीति तैयार की है। पीयू के अधिकारियों से मिला जाएगा और सीनेट चुनाव करवाने व सिंडिकेट की बैठक आयोजित करने के लिए कहा जाएगा। इसके बाद भी उनकी बात नहीं सुनी जाएगी तो वह दूसरा रास्ता अपनाएंगे।
सीनेट का चुनाव कोरोना के कारण स्थगित किया गया। दूसरा कारण यह भी रहा कि सीनेट में सुधार होगा। नई शिक्षा नीति के मुताबिक बोर्ड ऑफ गवर्नेंस का चयन होगा। अब तक प्रगति जाने तो यही बात निकलकर आ रही कि बोर्ड ऑफ गवर्नेंस बनाने में देरी है। ऐसे में बोर्ड नहीं बनेगा तो पीयू के संचालन के लिए वह सदन सीनेट व सिंडिकेट रहेंगी। सूत्रों का कहना है कि पीयू को आखिरकार फिर सीनेट चुनाव करवाना होगा। इस सीनेट चुनाव में पुटा के परिणाम का पूरा असर दिखेगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सीनेट चुनाव हुआ तो फिर से वही चाणक्य सदन में जा सकते हैं, क्योंकि उनकी पकड़ पूरे कैंपस पर है। हालांकि यह बाद की बात है, लेकिन रविवार को एक ग्रुप के शिक्षकों की हुई बैठक से अब लगने लगा है कि अचानक सीनेट चुनाव की तिथियां घोषित की जा सकती हैं ताकि प्रभावशाली लोगों को उसकी तैयारी के लिए समय ही न मिले। अगर ऐसा हुआ तो फिर सिंडिकेट के सदस्य नाराज होंगे, क्योंकि सिंडिकेट ही सीनेट चुनाव की तिथि घोषित करती है। यह प्रक्रिया केवल अंदरखाने चल रही है। देखना है कि सार्वजनिक कब होती है।