चंडीगढ़। डॉक्टर के चेहरे पर अगर मुस्कान हो तो मरीज यह सोच कर खुश हो जाता है कि शायद वह ठीक हो रहा है क्योंकि उसका इलाज करने वाला डॉक्टर खुश है। इसलिए याद रखिए कि आपकी सकारात्मक उपस्थिति मरीज के मर्ज को ठीक रखने में काफी कारगर साबित हो सकती है। इसलिए खुश रहिए, उपलब्धियां हासिल कीजिए और अपने देश का मान बढ़ाते रहिए। ये बातें प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने वीरवार को जीएमसीएच 32 के आठवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कही। इस अवसर पर 2009 से 2016 तक के 231 स्नातकों को एमबीबीएस की डिग्री प्रदान की गई। वहीं मुख्य अतिथि ने संस्थान के 51 मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि आपको गर्व होना चाहिए कि आप सभी ने देश के आठवें स्थान पर गिने जाने वाले जीएमसीएच 32 से डॉक्टर की डिग्री प्राप्त की है। कार्यक्रम में अतिथि का स्वागत कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. जसविंदर कौर ने किया। उन्होंने संस्थान की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। वहीं कार्यक्रम में एडवाइजर धर्मपाल, स्वास्थ्य सचिव यशपाल गर्ग, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह, पीजीआई के निदेशक प्रो. विवेक लाल, जीएमसीएच 32 के डीन एकेडमिक प्रोफेसर एके अत्री, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुधीर गर्ग समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद थे।
इनसेट-
मेडल पाकर खिले चेहरे
आज अपने कॉलेज में आकर वाकई मुझे बेहद खुशी हुई है। वर्षों से मुझे आज के दिन का इंतजार था। अलग-अलग कैटेगरी में मुझे 15 गोल्ड मेडल मिले हैं।
-डॉ. हरसिमरन भाटिया, 2011 बैच
मैं दिल्ली एम्स के रेडियो डायग्नोसिस डिपार्टमेंट में हूं। मैं जीएमसीएच 32 में 2012 बैच का छात्र था। मुझे अलग-अलग कैटेगरी में 19 गोल्ड मेडल मिले हैं। आज का दिन मेरे लिए बेहद खास है।
-डॉ. दिनेश वालिया, 2012 बैच
मैंने अलग-अलग कैटेगरी में 14 मेडल प्राप्त किए हैं। मैं जीएमसीएच 32 की 2010 बैच की छात्रा रही थी। मौजूदा समय में ट्राइसिटी के एक निजी अस्पताल में इंडोक्रोनोलॉजी में प्रैक्टिस कर रही हूं।
-डॉ. भानु मल्होत्रा, 2010 बैच
मैं जीएमसीएच 32 में ही एमडी कर रहा हूं। मेरे लिए आज का दिन बेहद खास है। क्योंकि मैंने अपने मेहनत के बल पर 17 मेडल हासिल किए हैं।
-डॉ. गुरसिमरन सिंह, 2014 बैच
इनसेट-
इन्हें मिला प्रो जेएस चोपड़ा गोल्ड मेडल
शगुन सिंह 2009 बैच
हरप्रीत कौर 2010 बैच
हरसिमरन भाटिया 2011 बैच
दिनेश वालिया 2012 बैच
पवनित कौर 2013 बैच
गुरसिमरन सिंह आनंद 2014 बैच
सोनल ठाकुर 2015 बैच
पार्थ लाल 2016 बैच
इनसेट-
इन्हें मिला एसडी स्वामी गोल्ड मेडल
शगुन सिंह 2009 बैच
भानु 2010 बैच
तान्या शर्मा 2011 बैच
दिनेश वालिया 2012 बैच
पवनीत कौर 2013 बैच
सवनीत सिंह 2013 बैच
गुरसिमरन सिंह 2014 बैच
रिदम 2015 बैच
तनीषा गुप्ता 2016 बैच