जानकारों की मानें तो सड़क टूटने की सबसे बड़ी वजह एक नामी ट्रैक्टर कंपनी का वहां पर प्लांट है। जहां से रोजाना ट्रैक्टर गुजरते रहते हैं। जिससे भी सड़क को नुकसान पहुंचता है। वहीं रेत भरे टिप्पर भी वहां से गुजरते हैं। हालांकि कुछ समय पहले एक कैबिनेट मंत्री ने दस लाख रुपये की ग्रांट दी थी। जिससे सड़क को सुधारा गया था। लेकिन अब फिर से टूट गई है। लोगों का मानना है कि इस पर पेवर ब्लॉक लगाए जाने चाहिए, ताकि सड़क को सुधारा जा सके।
मीनार की खूबसूरती पर ग्रहण लगाते हैं ट्रक
मिली जानकारी के मुताबिक खरड़-लांडरां रोड से जैसे ही मीनार के लिए बनाई रोड पर आते हैं। तो लोगों का सारा जोश ठंडा हो जाता है। क्योंकि मीनार को जाने वाली सड़क के दोनों किनारों पर खाली ट्रक खड़े रहते हैं। ऐसा लगता है मानो किसी इंडस्ट्रियल एरिया में आ गए हों। दूसरी तरफ लावारिस पशु सड़क पर मुंह मारते रहते हैं। चप्पड़चिड़ी निवासी प्रभदीप सिंह ने कहा कि रोड पर स्ट्रीट लाइट्स तक नहीं जलती है। जिससे स्थिति और खराब हो जाती है।
मिली जानकारी के मुताबिक चप्पड़चिड़ी स्थित फतेह मीनार को देखने के लिए पंजाब ही नहीं बल्कि दुनिया से लोग आते हैं। लेकिन मीनार के बाहर कोई भी ऐसा बस क्यू शेल्टर तक नहीं है। जहां पर लोग बरसात या तपती धूप में खड़े हो सकें। यहां तक कि चप्पड़चिड़ी तक सीटीयू बसों के रूट की जरूरत है, लेकिन वहां पर कोई बस स्टैंड या शेल्टर नहीं है। बस ग्राउंड से आकर मुड़ती है।
शाम होते ही अंधेरा, रोड़ किनारे गंदगी के ढेर
मिली जानकारी के मुताबिक मोहाली की ओर से अगर फतेह मीनार की तरफ जाना हो तो रात के समय बिल्कुल आसान नहीं है। शाम होते ही वहां पर अंधेरा छा जाता है। कोई लाइट की व्यवस्था नहीं है। दूसरी तरफ गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। रोड के दोनों तरफ जंगली घास और झांडियां हैं। इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
कुतुब मीनार से भी ऊंची है फतेह मीनार
देश की सबसे ऊंची एतिहासिक इमारतों की जब बात चलती है तो लोग कुतुब मीनार का नाम लेते हैं। हकीकत में ऐसा नहीं हैं। मोहाली के चप्पड़चिड़ी गांव में कुतुब मीनार से भी ऊंची यह फतेह मीनार है। इस मीनार की कुल ऊंचाई 328 फीट है, वहीं कुतुब मीनार की कुल ऊंचाई 239.5 फीट है। यहां पर देश विदेश से सैलानी आते हैं।