एक नेता पर गोलियां चलाने के कथित आरोपी दर्शन की तलाश कर रहे सीआईए स्टाफ ने उसके भाई संदीप को घर से उठाकर दो दिन अवैध हिरासत में रखा। इससे आहत होकर उसने खुदकुशी कर ली। सीआईए स्टाफ ने मंगलवार को शाम जब उसे अवैध हिरासत से रिहा कर घर भेजा तो वह इतना दुखी था कि जब तक परिजन सीआईए स्टाफ के दफ्तर से घर पहुंचते तब तक उसने आत्महत्या कर ली थी। संदीप के परिजनों ने उसका शव थाने के बाहर रख सीआईए स्टाफ के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं। उसने किसी नेता के घर पर गोली नहीं चलाई है और पुलिस के डर से वह फरार है। सीआईए स्टाफ ने सोमवार को संदीप को घर से उठाया। उसे थाने में रखकर टॉर्चर किया। पुलिस प्रताड़ना से आहत उनके बेटे ने यह कदम उठाया है। अकाली नेता तलबीर सिंह गिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दर्शन को परिवार ने पहले से बेदखल किया हुआ था।
वह समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल था। लेकिन पुलिस बार-बार संदीप को परेशान कर रही थी। सोमवार को पुलिस ने संदीप को पूरा दिन थाना में रखकर उस पर तशदद किया। मंगलवार को फिर थाना बुलाकर उस पर जुल्म ढाये गए, जिससे वह परेशान हो गया। जब परिवार ने उनसे संपर्क स्थापित किया तो उन्होंने पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह व सीआईए स्टाफ के इंस्पेक्टर सुखजिंदर सिंह से बात की। उनको कहा कि संदीप बेकसूर है, इसे छोड़ दिया जाए। उसके बड़े भाई को गिरफ्तार कर कानून के अनुसार सजा दी जाए।
मामले की जांच होगी: हरपाल सिंह
एडीसीपी हरपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मामले की जांच करवाई जा रही है। जो भी जिम्मेदार होगा उस पर कार्रवाई की जाएगी। परिवार के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसके आधार पर जांच होगी। दर्शन ने अमरीक सिंह नामक एक व्यक्ति के घर पर पहले बेल बजाई, जब वह बाहर निकला तो उस पर गोलियां चला दी थीं। इस सिलसिले में पुलिस को उसकी तलाश है। संदीप बड़े भाई की आपराधिक गतिविधियों के कारण परेशान था। हो सकता है इस दबाव में उसने खुदकुशी कर ली हो।