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जुलाई में परीक्षाओं का विद्यार्थियों ने ट्विटर पर हैशटैग चला किया विरोध, बोले- बढ़ेंगे कोरोना मामले

Wed, 10 Jun 2020 12:19 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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विरोध प्रदर्शन करते विद्यार्थी - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी ने पेपर का पैटर्न बदलकर सोमवार को जुलाई में ग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट के फाइनल सेमेस्टर की परीक्षा की घोषणा कर दी। पीयू के इस फैसले का यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स के साथ एफिलिएटेड कॉलेजों के स्टूडेंट्स ने भी विरोध किया।
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इसके लिए विभिन्न छात्र संगठनों ने आगे आकर पीयू वाइस चांसलर प्रो. राज कुमार और गवर्नर वीपी सिंह बदनौर को पत्र लिखा है। पत्र में स्टूडेंट्स ने पूछा है कि लगातार बढ़ रहे कोरोना केसों के बीच यूनिवर्सिटी कैसे विद्यार्थियों में संक्रमण फैलने से बचाएगी क्योंकि परीक्षा के लिए स्टूडेंट्स को देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रा करके कैंपस में आना पड़ेगा।

पंजाब यूनिवर्सिटी एनएसयूआई के सदस्य अतिन्दरजीत सिंह, रॉबी, तरलोचन सिंह, परगट बराड़, राजकरण, सर्वोतम राणा ने सोशल मीडिया चेयरपर्सन मनोज लुबाना की अध्यक्षता में चंडीगढ़ के गवर्नर वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पूछा कि देश में हर रोज बड़ी संख्या में कोरोना के मरीज बढ़ रहे हैं। ऐसे में यूनिवर्सिटी देश के विभिन्न भागों से विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए बुला रही है। परीक्षा के लिए यात्रा के दौरान या कैंपस में विद्यार्थियों में संक्रमण नहीं फैलेगा, क्या इसकी गारंटी पीयू विद्यार्थियों को देता है।
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विद्यार्थियों ने ‘पीयू अगेंस्ट एग्जाम’ को ट्विटर पर किया ट्रेंड
पंजाब यूनिवर्सिटी और इससे एफिलिएटेड कॉलेजों के विद्यार्थियों ने मंगलवार को हैशटैग ‘पीयू अगेंस्ट एग्जाम’ को ट्विटर पर ट्रेंड किया। इससे पहले सोमवार को छात्र संगठनों ने विद्यार्थियों से अपील करके कहा था कि चूंकि हम कैंपस में विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते, इसलिए ट्विटर पर ट्वीट करके आवाज बुलंद करेंगे। ट्वीट के साथ स्टूडेंट्स ने पीयू प्रशासन और उसके आदेशों को मीम के माध्यम से जाहिर किया। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने वीसी और पीयू कंट्रोलर एग्जामिनेशन को टैग कर अपनी समस्या और विकल्प भी रखे।
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- फोटो : twitter
1. हम परीक्षा के खिलाफ नहीं है, लेकिन पीयू ऑफलाइन परीक्षा लेकर संक्रमण के खतरे को बढ़ाने का काम कर रही है। अभी तक यूनिवर्सिटी की तरफ से सिलेबस भी पूरा नहीं करवाया गया है। पीयू ऑनलाइन परीक्षा या कुछ असाइनमेंट लेकर स्टूडेंट्स को पास कर सकती है। - रजत नैन, इनसो चेयरमैन, पीयू

2. हमने एसडी कॉलेज के विद्यार्थियों की तरफ से पीयू वीसी ऑफिस के बाहर शांति प्रदर्शन करके वीसी प्रो. राजकुमार को ज्ञापन सौंपा। हमने मांग की कि विद्यार्थियों को पिछले सेमेस्टर के अंकों के आधार पर प्रमोट किया जाए क्योंकि ज्यादातर विद्यार्थी अभी घर है, ऐसे में यात्रा करके आने पर संक्रमण का खतरा है। - यतिन, वाइस प्रेसिडेंट, एसडी स्टूडेंट काउंसिल

3. कॉलेज ने अभी तक फाइनल ईयर के स्टूडेंट्स का सिलेबस पूरा नहीं करवाया है। हम पीयू के ऑफलाइन परीक्षा करवाने के फैसले का विरोध करते हैं। हम चाहते हैं कि ऑनलाइन असाइनमेंट के आधार पर या पिछले सेमेस्टर के ग्रेड के आधार पर स्टूडेंट्स को प्रमोट किया जाए। - नितेश, काउंसिल प्रेजिडेंट, पीजीजीसी-46

4. कॉलेजों के हॉस्टल में छोटे-छोटे कमरों में दो से तीन स्टूडेंट्स को रखा हुआ है। ऐसे में यूनिवर्सिटी पेपर के लिए विद्यार्थियों को बुलाकर उनके रहने का इंतजाम कहां करवाएगी। हम चाहते हैं कि पीयू भी अन्य विश्वविद्यालयों की तर्ज पर ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम या पिछले सेमेस्टर के आधार पर प्रमोट करें। - रुद्र राणा, इनसो चैयरमेन, पीजीजीसी-11

5. कोरोना को रोकने का इस समय सोशल डिस्टेंसिंग ही उपाय है। ऐसे में पीयू ऑफलाइन परीक्षा आयोजित करके विद्यार्थियों को कॉलेज कैंपस बुलाने को बोल रहा है। पीयू दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरह ऑनलाइन ओपन बुक एग्जाम भी करवा सकती है। इसके लिए सभी कॉलेजों के अध्यक्ष के साथ मिलकर हम वीसी प्रो. राजकुमार से चर्चा करेंगे। - लक्षित, डीएवी काउंसिल प्रेजिडेंट

6. पंजाब यूनिवर्सिटी को अन्य राज्य के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से सीख लेनी चाहिए। आईआईटी, एनआईटी ने भी स्टूडेंट्स को पिछली परफॉरमेंस के आधार पर प्रमोट किया है। पीयू उल्टा विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए कैंपस में बुला रही है। पीयू प्रशासन को हम बताना चाहते हैं कि यूनिवर्सिटी में सभी स्टूडेंट्स चंडीगढ़ के नहीं पढ़ते हैं। - निखिल नरमेटा, एनएसयूआई अध्यक्ष, पीयू
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