डिलिवरी के बाद स्थानीय पुलिस ने बच्ची का डीएनए सैंपल भी लिया, ताकि आरोपी पिता को सजा दिलाई जा सके और केस किसी भी तरह से कमजोर न पड़े। डिलिवरी के बाद नाबालिग और उसके परिजनों ने नवजात को अपनाने से इनकार कर दिया है। बच्ची अभी नागरिक अस्पताल की नर्सरी में ही है और ठीक ठाक है। ऐसे में अब नवजात को बाल संरक्षण विभाग द्वारा कस्टडी में लिया है और इसे कुछ दिनों बाद स्टेट अडॉप्शन एजेंसी को सौंपा जाएगा। शैशव कुंज पंचकूला व हांसी में स्थित है।
यह है मामला
एक नाबालिग से उसका पिता पिछले सात माह से दुष्कर्म करता आ रहा था, लेकिन अक्तूबर में जब नाबालिग ने पेट दर्द की शिकायत की तो उसकी मां उसे चिकित्सक के पास लेकर गई। चिकित्सक ने नाबालिग के गर्भवती होने की पुष्टि की। इसके बाद नाबालिग को बाल कल्याण समिति के पास काउंसिलिंग के लिए लाया गया। नाबालिग ने बताया कि उसके पिता ने कुछ माह पहले उसके साथ दुष्कर्म किया था। आरोपी पिता उसे अपने पास ही सुलाता था। नाबालिग की मां की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके उस पर मामला दर्ज कर दिया था।
नाबालिग की डिलिवरी हो गई है। नवजात बच्ची स्वस्थ है। पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है। - गुरप्रीत कौर, जिला बाल संरक्षण अधिकारी