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14 साल पहले 'मारा गया', आदमी कैसे हो गया जिंदा, पूरी कहानी जान हो जाएंगे हैरान

Sun, 01 Sep 2019 04:01 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लुधियाना (पंजाब)
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आरोपी युवक - फोटो : अमर उजाला
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14 साल पहले जिस युवक की हत्या का आरोप पुलिस के डीएसपी व दो एएसआई पर लगा था, वह जिंदा निकला। जगरांव पुलिस के सीआईए स्टाफ ने आरोपी युवक और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के बाद युवक ने खुलासा किया कि वह पिता की शह पर 14 साल से छुपता आ रहा है। दोनों आरोपियों को शनिवार को अदालत में पेश किया गया। जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। 

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जानकारी के अनुसार, 2005 में डीएसपी अमरजीत सिंह बतौर थाना डेहलों में तैनात थे। 25 अगस्त 2005 को उन्होंने एएसआई जसवंत सिंह, हवलदार काबल सिंह के साथ मिलकर गांव रंगीया निवासी हरदीप सिंह उर्फ राजू को 70 किलो भुक्की के साथ काबू किया। पुलिस जब उसे पूछताछ के लिए किलारायपुर लेकर आ रही था तो राजू फरार हो गया। 

राजू के पिता नगिंदर सिंह ने हाईकोर्ट के वारंट अफसर से थाने में छापामारी करवाई। उसे शक था कि उसके बेटे राजू को पुलिस ने अवैध तौर पर हिरासत में रखा है। वारंट अफसर को थाने में कुछ नहीं मिला। 17 सितंबर 2005 को गांव दाया कलां के छप्पड़ से एक अज्ञात युवक का शव मिला। पुलिस ने 174 की कार्रवाई की। 
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इस दौरान राजू के पिता नगिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की कि छप्पड़ से मिला अज्ञात शव उनके बेटे का था जिसे पुलिस ने मारा है। अदालत ने एडीजीपी क्राइम को मामले की जांच सौंपी। जांच में साफ हो गया कि शव किसी और का था। थाना डेहलों पुलिस ने राजू, उसके पिता नगिंदर सिंह और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया। 

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इस मामले में पुलिस ने नगिंदर सिंह को गिरफ्तार कर राजू को भगौड़ा करार दे दिया। इसके बाद नगिंदर सिंह दोबारा हाईकोर्ट में पहुंचा और अज्ञात शव को फिर अपने बेटे का बताया। अदालत ने जिला सेशन जज को मामले की जांच सौंप दी। 

सेशन जज ने तत्कालीन डीएसपी अमरजीत सिंह खैहरा, एएसआई जसवंत सिंह और हवलदार काबल सिंह के खिलाफ हत्या के आरोप में मामला दर्ज करने की सिफारिश की। 21 अगस्त 2010 को थाना डेहलों में तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अभी यह मामला अदालत में चल रहा है, इस पर अगली सुनवाई 2 सितंबर को होनी है। 

14 साल से पीड़ित मुलाजिम कर रहे थे ट्रैक 
राजू की हत्या में फंसे तीनों पुलिस मुलाजिमों को एक बात साफ थी कि वह मरा नहीं है। इसलिए वह खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश में जुटे हुए थे। इस दौरान डीएसपी अमरजीत सिंह रिटायर भी हो गए। गुरुवार देर शाम को जगरांव सीआईए स्टाफ ने गुप्त सूचना के आधार पर राजू को गांव भूंदड़ी से हिरासत में लिया। राजू ने खुलासा किया कि उसके पिता नगिंदर सिंह को पता था कि वह जिंदा है। वह हिमाचल, यूपी और दिल्ली स्थित कई ठिकानों पर पहचान छुपाकर रह रहा था।
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