हादसे में तीन बच्चियां और महिला गंभीर रूप झुलस गईं। सभी को संगरूर सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। संगरूर निवासी चमकौर सिंह ने बताया कि वह आसपास के गांवों में प्लास्टिक के खिलौने व बर्तन इत्यादि बेचता है। गुरुवार शाम अपने परिवार के साथ मोटरसाइकिल रेहड़ी पर घर लौट रहा था।
जब नमोल रोड पर पहुंचा तो साथ के खेतों में पराली को आग लगी थी और धुआं सड़क पर था। धुएं के कारण उसे आगे कुछ दिखाई नहीं दिया। आंखें बुरी तरह जलने लगीं। इससे संतुलन खोने से उसका वाहन खेतों की तरफ जा गिरा।
हादसे में वह व उसका पुत्र सड़क किनारे गिर गए। उसकी पत्नी व तीन बच्चियां खेतों में जा गिरी। पराली की आग से उसकी पत्नी 30 वर्षीय शकीना, बेटियां सात वर्षीय सिमर कौर, ढाई वर्षीय लवप्रीत और पांच वर्षीय मनप्रीत झुलस गईं।
चिल्लाने की आवाज सुनकर राहगीरों ने उन्हें बचाया और सिविल अस्पताल लौंगोवाल में भर्ती करवाया। वहां से तीनों को सिविल अस्पताल संगरूर रेफर कर दिया गया है। अस्पताल में तैनात डा. बलजीत सिंह ने बताया कि महिला व उसकी बेटियां तीस फीसदी तक झुलस गई हैं।