सीबीआई, चंडीगढ़ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने शुक्रवार को फिरोजपुर रेंज के आईजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नाम पर दस लाख रुपये रिश्वत लेते बिचौलिए अशोक गोयल को लुधियाना से रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत के उन्हीं नंबरों के नोट बरामद हुए, जो सीबीआई ने मामले के शिकायतकर्ता पटियाला, विजिलेंस ब्यूरो से सेवानिवृत एसएसपी शिव कुमार को देकर ट्रैप लगाया था। रिश्वत की रकम को सील करने के बाद पुलिस ने आरोपी के घर पर सर्च की।
यहां से सीबीआई को रिश्वत के वह पांच लाख रुपये बरामद हुए, जो आरोपी ने बीती नौ अगस्त को शिव कुमार से चंडीगढ़ के सेक्टर-35 में लिए थे। इसके बाद सीबीआई टीम ने आरोपी से कई सवाल किए। आईजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों का नाम सामने आने पर सीबीआई ने उनके फिरोजपुर स्थित ऑफिस-कम-रेजिडेंस पर छापेमारी की। यहां से सीबीआई टीम के हाथ मामले से संबंधित वे दस्तावेज लगे, जिन्हें मामले के शिकायतकर्ता सेवानिवृत एसएसपी शिव कुमार के घर से एसआईटी टीम ने सर्च कर कब्जे में लिया था।
सीबीआई ने सभी दस्तावेजों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। आईजीपी के ऑफिस-कम-रेजिडेंस पर सीबीआई टीम के रेड करने से पूरे कांप्लेक्स में भगदड़ मची रही। यहां तक की पंजाब पुलिस के कई उच्चाधिकारियों के बीच भी सीबीआई रेड की सूचना आग की तरह फैली।
शिकायतकर्ता ने कहा- केस को कमजोर बनाने के लिए ली रिश्वत
शिकायतकर्ता सेवानिवृत एसएसपी शिव कुमार ने सीबीआई को बताया कि वर्ष 2012 में उनपर दर्ज केस खत्म हो गया था। लेकिन दोबारा केस री-ओपन कर उन्हें फंसाने की साजिशें शुरू की गई। आरोप हैं कि इसके लिए फिरोजपुर, आईजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों से एक एसआईटी गठित की।
एसआईटी ने उनके घर पर रेड कर कई दस्तावेज व अन्य चीजें कब्जे में ली। बकौल शिकायतकर्ता शिव कुमार उनका केस कमजोर करने के लिए उनसे भारी-भरकम रिश्वत मांगी गई। रिश्वत की पहली रकम पांच लाख रुपये उनसे चंडीगढ़ के सेक्टर-35 में ली गई। दूसरी किश्त में उनसे शेष दस लाख रुपये लुधियाना मंगवाए।
तीन दिन के रिमांड पर आरोपी, आईजीपी की भूमिका की जांच
सीबीआई ने पूछताछ के बाद आरोपी अशोक गोयल को चंडीगढ़ के सेक्टर-43 की जिला अदालत में पेश किया। केस की आगामी पड़ताल व पूछताछ के लिए सीबीआई के रिमांड की आवश्यकता जताने पर अदालत ने आरोपी के तीन दिन के रिमांड की मंजूरी प्रदान की। देर रात तक सीबीआई ने आरोपी से पूछताछ कर मामले में आईजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों की भूमिका की जांच की। मामले में आईजीपी का रोल कहां-कहां संदिग्ध रहा और यदि मामले में वह संलिप्त रहे तो उन्हें रिश्वत की रकम कहां दी जानी थी, सीबीआई इन सभी बिंदुओं पर जांच में जुटी है।