ट्रिब्यून चौक पर बनने वाले क्लोवरलीफ फ्लाइओवर के निर्माण पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बुधवार को अंतिम मुहर लगा दी। मंत्रालय ने चंडीगढ़ प्रशासन को लेटर जारी कर इस प्रोजेक्ट के लिए कंसल्टेंट रखने की मंजूरी प्रदान कर दी है। अब प्रशासन कंसल्टेंट के लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट मांगेगा। यह कंसल्टेंट ही पूरे प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करेगा। दो साल के अंदर यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा। प्रोजेक्ट का एस्टीमेट बनाकर पहले ही मंत्रालय को भेजा जा चुका है।
करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से ट्रिब्यून चौक पर यह क्लोवरलीफ फ्लाइओवर तैयार होगा। यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने ही क्लोवरलीफ निर्माण का यह एस्टीमेट तैयार किया है। इतना ही नहीं पर्यावरण संबंधी सभी अप्रूवल भी मिल चुकी हैं। अगले छह महीने के अंदर डीपीआर तैयार होने के बाद ग्राउंड लेवल पर प्रोजेक्ट का काम भी शुरू हो जाएगा। दो सालों में प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा और लोगों को ट्रिब्यून चौक पर लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी।
अपने लेटर में मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि गाइडलाइंस के अनुसार प्रोजेक्ट के जो भी टेंडर होंगे उनमें सबसे कम बिड लगाने वाली कंपनी को ही टेंडर जारी किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग होने केकारण इस पूरे प्रोजेक्ट का खर्च भी केंद्र सरकार ही वहन करेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया से भी प्रोजेक्ट पर मंजूरी ली गई है।
चंडीगढ़ का पहला फ्लाइओवर
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ सांसद किरण खेर
- फोटो : File Photo
यूटी प्रशासन ने सर्वे के बाद यह बात भी स्पष्ट कर दी थी कि क्लोवरलीफ फ्लाइओवर के लिए ट्रिब्यून चौक पर पर्याप्त जगह मौजूद है। इसलिए इसके निर्माण में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री नितिन गडकरी ने चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद खुद इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देने की घोषणा की थी। उन्होंने दावा किया था कि 10 महीने में सभी औपचारिकताएं पूरी होने केबाद ग्राउंड लेवल पर काम भी शुरू हो जाएगा।
अभी सुबह-शाम जाम का झाम
ट्रिब्यून चौक पर सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में राउंड अबॉउट के चारों तरफ लंबा जाम लग जाता है। यह जाम की स्थिति जीरकपुर तक रहती है। कई-कई बार ट्रैफिक लाइट पार करते हो जाती है। बहुत से लोगों का रोजाना एक से डेढ़ घंटा इसी जाम में बर्बाद हो जाता है। हरियाणा से आने वाला अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही चंडीगढ़ में प्रवेश करता है। इसके अलावा पंचकूला, जीरकपुर और मोहाली का भी अधिकतर ट्रैफिक दक्षिण मार्ग से ही आता है। इतना ही नहीं शिमला की ओर जाने वाला ट्रैफिक जो शहर के साउथ सेक्टरों से आता है वह भी ट्रिब्यून चौक से होकर गुजरता है। इसलिए इस मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें रहती हैं। राइट्स ने जो सर्वे किया है उसकेअनुसार रोजाना 1 लाख 43 हजार 170 वाहन ट्रिब्यून चौक से गुजरते हैं। जिसमें से 1 लाख 35 हजार 805 कार शामिल हैं।
चंडीगढ़ का पहला फ्लाइओवर
ट्रिब्यून चौक पर बनने वाला यह क्लोवरलीफ फ्लाइओवर चंडीगढ़ का पहला फ्लाइओवर होगा। पूरे चंडीगढ़ में अभी तक कोई फ्लाइओवर नहीं है। शहर की खूबसूरती में फ्लाइओवर बाधा न बन जाए, इसलिए इसका प्रावधान ही नहीं रखा गया था। लेकिन प्रशासन ने शहर की जरूरत को देखते हुए मास्टर प्लान में इसे शामिल किया था।