परिजनों द्वारा जबरदस्ती मदरसे में दाखिल कराने से झुब्ध एक 11 वर्षीय बच्चा घर से भागकर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन आ पहुंचा। रेलवे चाइल्ड हेल्प लाइन ने बच्चे को प्लेटफार्म छह से लावारिस हालत में बरामद किया। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कर उसके परिजनों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया। काउंसिलिंग के दौरान बच्चे ने बताया कि वह जयपुर के अमागढ़ का रहने वाला है।
उसके पिता पंजाब के बरनाला में रहकर मछली बेचते हैं। बीते दिनों पिता घर गया था। बच्चे को मदरसे में दाखिल कराने के लिए पिता उसे अपने साथ बरनाला ले गया। लेकिन बच्चा मदरसे में नहीं पढ़ना चाहता था। इससे वह वहां से भाग निकला। वह पहले ट्रेन से बरनाला से जयपुर गया और उसके बाद फिर पटियाला पहुंचा।
पटियाला से उसे बरनाला जाना था, लेकिन वह अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर आ गया। काउंसिलिंग के दौरान बच्चे ने अपने पिता का फोन नंबर और पते की जानकारी दी। चाइल्ड हेल्प लाइन ने पिता से संपर्क कर इसकी जानकारी दी।
शनिवार दोपहर उसके पिता अंबाला चाइल्ड हेल्प डेस्क पहुंचे। यहां पूरे दस्तावेजों की पड़ताल के बाद व जीआरपी के समक्ष बच्चे को पिता को सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान चाइल्ड हेल्प डेस्क कोऑर्डिनेटर राकेश कुमार, टीम मेंबर सोनू शर्मा, मोहित सिंह व जीआरपी से एसआई ओम प्रकाश व हेड कांस्टेबल लक्ष्मी मौजूद रहे।