सतबीर सिंह 11 अक्तूबर को कंपनी नहीं पहुंचे तो उनके साथियों ने फोन किया लेकिन फोन बंद था। इसके बाद उन्होंने गांव पंधेर में रहने वाली उनकी बहन को कॉल की तो उन्होंने भाभी अमनदीप कौर को फोन किया। घंटी बजती रही लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। फिर सतबीर की बहन ने मोहाली फेज-4 में रहने वाले अमनदीप के मायके वालों से संपर्क किया तो अमनदीप के भाई और पारिवारिक सदस्य सतबीर के घर पहुंचे। वहां कोठी पर ताला लगा था और कोई फोन भी नहीं उठा रहा था। इसके बाद वह ताला तोड़कर घर के अंदर पहुंचे तो फर्श पर खून बिखरा था। लखबीर सिंह के कमरे का बिस्तर भी खून से लथपथ था। इसके बाद उन्होंने सतबीर के परिवार और पुलिस को मामले की सूचना दी।
वारदात के बाद पैतृक गांव में परिवार के साथ रह रहा था लखबीर
वारदात के बाद आरोपी लखबीर सिंह जिला संगरूर (पंजाब) स्थित अपने पैतृक गांव पंधेर भाग गया था और वहां परिवार के बीच सामान्य रूप से रह रहा था ताकि किसी को कुछ पता न चले। पुलिस ने शक के आधार पर जब उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल लिया। बताया कि 10 अक्तूबर की रात को उसने अपने साथी गुरदीप सिंह के साथ मिलकर पहले भाभी के साथ मारपीट की फिर चुन्नी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी।
रात करीब साढ़े दस बजे जब उसका भाई सतबीर ऑफिस से घर आया तो गेट के पास छिपे गुरदीप सिंह ने फावड़े से उसके सिर पर वार कर दिया। बाद में उसे घर के अंदर लाकर दोनों ने चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी। देर रात भाई की ही स्विफ्ट कार में भाई-भाभी के शव को डालकर भतीजे अनहद के साथ रोपड़-भाखड़ा नहर ले गए, जहां दोनों के शव के साथ अनहद को जिंदा ही नहर में फेंक दिया।
23 नवंबर को था अनहद का दूसरा जन्मदिन
परिवार ने बताया कि अनहद का दूसरा जन्मदिन 23 नवंबर को था। परिवार में इसे लेकर खुशी का माहौल था। सतबीर और उनकी पत्नी अमनदीप तैयारियों में जुटे थे। उनका कहना था कि उनके बेटे का भाग्य उनके लिए काफी अच्छा है क्योंकि उसके आने के बाद ही उनका घर बना है। दोनों इस जन्मदिन को खास बनाने वाले थे।
ग्लोबल सिटी कॉलोनी में वारदात सामने आई है। महिला का शव बरामद हो गया है। शव को खरड़ के सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। कल परिवार के सदस्यों को बुलाकर पहचान करवाई जाएगी। - करण संधू, डीएसपी खरड़।