डीसीपी क्राइम ब्रांच दिल्ली जॉय ट्रकी ने बताया कि महेश पर 8 बदमाशों के साथ मिलकर दिल्ली के प्रीतमपुरा निवासी पूर्व पार्षद व कारोबारी शंभू शर्मा के एकलौते बेटे का 27 सितंबर 2016 को अपहरण कर एक करोड़ रुपये की फिरौती वसूलने के मामले में तलाश थी। बदमाश ने अपहरण कर 50 करोड़ रुपये मांगे थे। 9 दिन तक दोनों के बीच रुपयों को कम-ज्यादा पर बातचीत होती रही। नौवें दिन बदमाशों ने 1 करोड़ रुपये की फिरौती लेकर पूर्व पार्षद के बेटे को छोड़ा था।
8 बदमाश को कर लिया था गिरफ्तार, मास्टमाइंड था फरार
फिरौती लेने के बाद से ही दिल्ली पुलिस बदमाशों की धरपकड़ के लिए कई टीम बनाकर उनकी तलाश में जुट गई थी। जिसके बाद पुलिस ने 8 बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया था। जिसमें दिल्ली निवासी विक्रांत, पालमपुर निवासी आनंद, चांदपुर दिल्ली निवासी मंजीत, दीनपुर निवासी विनोद्र अनूप नगर बुलंदशहर निवासी विचित्र वीर, नजफगढ़ निवासी विनोद सहित स्वरूप नगर निवासी भक्त को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जबकि किडनैपिंग का मास्टर माइंड महेश व एक अन्य बदमाश दीपक तभी से ही फरार थे।
सोमवार को दिल्ली पुलिस ने बदमाश दीपक को गिरफ्तार किया था। जिसकी निशानदेही पर ही समालखा में दबिश दी थी। गौरतलब है कि दीपक ने एक बदमाश सुरेंद्र उर्फ कैरा के साथ मिलकर 2006 में पंजाबी बाग इलाका निवासी ब्रहम सिंह की हत्या की थी। ब्रहम सिंह मोनू दरियापुर गैंग का बदमाश था। इस हत्या के बाद से सुरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया था, जो कि पैरोल पर बाहर आया था व फरार हो गया था।
दीपक की सोमवार को गिरफ्तारी के बाद ही दिल्ली पुलिस ने समालखा में सतीश के मकान में दबिश देकर कुख्यात अपराधी भगौडा महेश उर्फ ठेकेदार, विजय उर्फ विनय निवासी गांव प्रहलादपुर दिल्ली, सुरेंद्र उर्फ केरा निवासी गांव बख्तावरपुर सोनीपत, को मौके पर काबू कर लिया था। महेश पुलिस से बचकर छत से कूद गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। सोमवार को हुई इस गिरफ्तारी में बदमाश विनय हत्या के जुर्म में भगोड़ा व 50 हजार का इनामी बदमाश था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया।