फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चंडीगढ़ में दादी और 10 माह की पोती भी कोरोना पॉजिटिव, पीजीआई में बद्दी की संक्रमित महिला की मौत

Fri, 03 Apr 2020 09:49 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
corona virus - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

चंडीगढ़ में कर्फ्यू के बावजूद कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इससे प्रशासनिक अफसरों के साथ स्वास्थ्य विभाग के अफसर भी चिंतित हैं। खास बात यह है कि कुछ लोगों की लापरवाही का नतीजा बाकी लोग भुगत रहे हैं। इससे कोरोना के मरीजों की चेन भी बढ़ती जा रही है।  

विज्ञापन


बीते 30 मार्च को कनाडा से लौटे दंपती के पॉजिटिव मिलने के बाद अब उनके संपर्क में आने वाले परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी पॉजिटिव मिलने लगे हैं। बीते बुधवार को दंपती की 10 वर्षीय बेटी और बच्ची की नानी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद गुरुवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-33 निवासी कनाडा से लौटे इसी दंपती की 10 माह की दूसरी बेटी और बच्ची की 59 वर्षीय दादी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आ गई है।

इसके साथ ही चंडीगढ़ में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। बता दें कि इससे पहले दुबई से लौटे सेक्टर-30 निवासी कोरोना पॉजिटिव युवक से भी अब तक तीन लोग संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 45 वर्षीय महिला और 32 वर्षीय दो युवक शामिल हैं जबकि इस युवक के संपर्क में आने वाले 81 लोग होम क्वारंटीन हैं। 
विज्ञापन


कोरोना के मरीजों के संपर्क में आकर संक्रमित हो रहे लोगों की चेन तोड़ने की कोशिश प्रशासन की तरफ से लगातार की जा रही है। इसके लिए पॉजिटिव मरीजों के घर के सदस्यों के साथ ही पड़ोसियों को भी क्वारंटीन किया जा रहा है लेकिन लोग अब भी इसकी गंभीरता को नहीं समझ रहे। लॉकडाउन के दौरान भी घरों से बाहर जाना और अन्य लोगों के संपर्क में आना जारी है। 

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के लक्षण कई बार 12-14 दिन बाद सामने आते हैं। इसलिए लोगों को खुद जागरूक होना होगा। इस बात को समझना होगा कि हमसे मिलने वाला कोई भी कोरोना का मरीज हो सकता है। इस बात को न समझकर लापरवाही करने वाले ही इसकी चपेट में तेजी से आ रहे हैं।   

पीजीआई में एक कोरोना पॉजिटिव की मौत

पीजीआई में कोरोना पॉजिटिव बद्दी निवासी एक महिला की गुरुवार को मौत हो गई। महिला को गुरुवार शाम को ही गंभीर स्थिति में पीजीआई में भर्ती कराया गया था। दूसरी ओर, जमात से लौटे अंबाला निवासी सलीम नूर का पीजीआई में इलाज चल रहा है।

सलीम नूर की हालत गंभीर बताई जा रही है। सलीम नूर को अंबाला स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव होने पर पीजीआई रेफर किया था। वहीं, पश्चिमी दिल्ली निवासी एक 69 वर्षीय महिला की भी गुरुवार शाम पीजीआई में मौत हो गई। महिला को कोरोना के लक्षण मिलने पर पीजीआई में सुबह ही भर्ती कराया गया था। फिलहाल महिला की जांच रिपोर्ट पेंडिंग है।

चंडीगढ़ कोरोना अपडेट  
124 अब तक संदिग्धों की हो चुकी है जांच। 
18 लोगों की रिपोर्ट मिली है पॉजिटिव।
-1 नमूना रिजेक्ट हुआ।
- अब तक एक भी मरीज डिस्चार्ज नहीं किए गए। 
- 7 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
- अब तक एक भी मरीज की नहीं हुई है मौत। 
 

चंडीगढ़ में कब-कब मिले मरीज

  • 18 मार्च को पहले मरीज में कोरोना की पुष्टि।
  • 20 मार्च को पहले मरीज के संपर्क में रहे उसके भाई, कुक और मां में भी पुष्टि।
  • 20 मार्च को ही यूके से आए एक युवक की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई।
  • 25 मार्च को दुबई से लौटे एक युवक में कोरोना की पुष्टि।
  • 27 मार्च को दुबई से लौटे युवक की मां भी पॉजिटिव मिली, कनाडा से लौटे दंपती में भी पुष्टि।
  • 30 मार्च को 5 मरीजों में कोरोना की पुष्टि हुई।
  • 31 मार्च को 2 मरीजों में हुई कोरोना की पुष्टि।
  • 01 अप्रैल को 49 वर्षीय मरीज में भी पुष्टि।
  • 02 अप्रैल को 59 वर्षीय बुजुर्ग महिला और 10 माह की बच्ची संक्रमित
पीजीआई और जीएमएसएच के 12 डॉक्टरों समेत 45 स्टाफ पर मंडरा रहा खतरा
नया गांव के 65 वर्षीय मरीज की कोरोना से मौत के बाद क्वारंटीन किए गए पीजीआई के 5 डॉक्टर, 22 नर्सिंग स्टाफ, 5 सेनिटेशन अटेंडेंट और 4 हॉस्पिटल अटेंडेंट के अलावा जीएमएसएच सेक्टर-16 के पांच डॉक्टरों समेत 2 इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, एक रेडियोग्राफर और एक स्टाफ नर्स पर खतरा मंडरा रहा है। सोमवार को बुजुर्ग में कोरोना की पुष्टि के बाद इन सभी 45 लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया था।

यही सभी लोग बुुजुर्ग मरीज के संपर्क में आए थे। इस मरीज को 26 मार्च को दूसरे लक्षणों के आधार पर पीजीआई में भर्ती किया गया था, लेकिन धीरे धीरे कोरोना के लक्षण सामने आने पर उसकी 29 मार्च को कोरोना की जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद पीजीआई प्रशासन सकते में आ गया और उस मरीज के संपर्क में आए सभी डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, सफाई और हॉस्पिटल अटेंडेंट को क्वारंटीन कर दिया गया।
विज्ञापन

होम क्वारंटीन 1315 लोगों के मोबाइल को ट्रैक करेगा प्रशासन

सिंगापुर और दक्षिण कोरिया की तर्ज पर अब यूटी प्रशासन घर में क्वारंटीन किए गए लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए उनके मोबाइल सिग्नल को ट्रैक करेगा। प्रशासन ने टेलीकॉम ऑपरेटरों को आदेश दिए हैं कि वह क्वारंटीन किए गए लोगों की लोकेशन को ट्रैक करें। क्वारंटीन पीरियड के दौरान अगर कोई बेस लोकेशन से दूर पाया गया तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 

शहर में गुरुवार शाम तक 1315 लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। ये वो लोग हैं जो या तो विदेश से आए हैं या फिर कोरोना संक्रमित लोगों के संपर्क में आए थे लेकिन उन्हें अभी अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं है। प्रशासन को लगातार शिकायत मिल रही थी कि होम क्वारंटीन किए गए लोग अपने घरों में नहीं रुक रहे हैं और बाहर घूम रहे हैं। ऐसे में वह अन्य लोगों के लिए बहुत बड़ा खतरा बन सकते हैं। 

अब इन लोगों के मोबाइल को ट्रैक कर पता लगाया जाएगा कि होम क्वारंटीन में जाने के बाद उनकी गतिविधि क्या है। वह घर पर ही रह रहे हैं या बाहर निकल रहे हैं। अगर बाहर निकले तो उनकी मुलाकात किस-किस से हो रही है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर किसी ने घर में रहने का आदेश नहीं माना होगा तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

बता दें कि सिंगापुर और दक्षिण कोरिया में भी होम क्वारंटीन किए गए लोगों पर नजर रखने के लिए इस तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। भारत में आंध्र प्रदेश और दिल्ली सरकार भी मोबाइल सिग्नल के जरिए होम क्वारंटीन किए गए लोगों पर नजर रख रही है। आंध्र प्रदेश सरकार ने इसके लिए एक एप भी तैयार किया है जो क्वारंटीन लोगों की पूरी गतिविधियों की जानकारी जुटाती है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें