शातिरों ने विदेशी ब्रीड डॉग के रजिस्ट्रेशन के नाम पर ‘उड़न सिख’ मिल्खा सिंह की पत्नी निर्मल मिल्खा के खाते से 99,900 हजार रुपये उड़ा दिए। उन्होंने मोबाइल पर ओटीपी भेजकर दोबारा रकम उड़ाने की कोशिश भी की परंतु नाकाम रहे। बाद में ठगी की शिकायत पुलिस को दी गई। साइबर सेल मामले की छानबीन में जुट गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन रुपयों से ऑनलाइन शॉपिंग की गई है।
पुलिस के मुताबिक ‘उड़न सिख’ मिल्खा सिंह हाल में विदेशी ब्रीड का डॉग चंडीगढ़ सेक्टर-8 स्थित अपने घर ले आए थे। शुक्रवार सुबह उनकी पत्नी निर्मल मिल्खा ने डॉग का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अपने सुपरवाइजर से गूगल पर सर्च करवाया। सर्च करते ही गूगल पर डॉग रजिस्ट्रेशन की एक वेबसाइट खुली। उस वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल की गई तो दस रुपये फीस बताकर डॉग रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
इसके बाद शातिर ने झांसे में निर्मल मिल्खा के बैंक एटीएम कार्ड की सारी जानकारी ले ली और कहा कि उनके मोबाइल पर वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा गया है। ओटीपी बताते ही डॉग रजिस्ट्रेशन कि प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। शातिर के झांसे में आकर निर्मल मिल्खा ने शातिर को ओटीपी बता दिया। इसके तुरंत बाद निर्मल मिल्खा के सिटी बैंक के खाते से 99,900 रुपये कट जाने का मैसेज आया।
मोबाइल स्विच ऑफ
निर्मल मिल्खा ने बताया कि खाते से 99,900 रुपये उड़ते ही उन्होंने शातिर को फोन किया तो उसने कहा कि गलती से रुपये निकले हैं। दोबारा आपके मोबाइल पर ओटीपी भेजा है, इस बार ओटीपी बताने पर खाते में रकम वापस आ जाएगी। शातिर की बात सुनकर निर्मल मिल्खा को ठगी का एहसास हुआ। इस पर उन्होंने परिजनों को सूचित कर फौरन अपना बैंक खाता ब्लॉक करवा दिया। अब शातिर का मोबाइल फोन नंबर स्विच ऑफ आ रहा है।
नंबर ट्रेस करने में जुटी साइबर सेल
शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने टीम गठित कर दी। टीम अब शातिर के मोबाइल नंबर और वेबसाइट की गहनता से जांच शुरू कर दी। साथ ही टीम ने आरोपी के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर भी लगाकर ट्रेस करने में जुट गई। साइबर सेल के आला अधिकारियों का कहना है कि मामले की छानबीन की जा रही है। जल्द ही शातिर का दबोच लिया जाएगा।
कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी से हुई थी ठगी
बता दें कि अगस्त 2019 को पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर के साथ 23 लाख की ठगी हुई थी। शातिर ने खुद को एसबीआई का बैंक मैनेजर बताते हुए कहा कि आपकी सैलरी डालनी है। जल्दी से अपना खाता, आधार, एटीएम नंबर बता दें। क्योंकि देर होने पर सैलरी रुक जाएगी। बैंक डिटेल देने के बाद ओटीपी नंबर भी बता दिया। जिसके बाद उनके खाते से 23 लाख रुपये उड़ गए। जिसके बाद साइबर पुलिस ने आरोपी झारखंड से गिरफ्तार किया।