चंडीगढ़। बीस रुपये की कीमत वाली पानी की दो बोतलों के 99-99 रुपये चार्ज करना सेक्टर-26 स्थित ड्रिंकरी रेस्टोरेंट को महंगा पड़ गया। राज्य उपभोक्ता आयोग ने इसे गलत व्यापारिक गतिविधियों की श्रेणी वाला कृत्य बताते हुए रेस्टोरेंट को तीन हजार रुपये का हर्जाना भरने को कहा। साथ ही शिकायतकर्ता से अतिरिक्त रूप से वसूले 158 रुपये वापस करने को कहा है।सेक्टर 63 के हर्ष वासु गुप्ता ने ड्रिंकरी रेस्टोरेंट को प्रतिवादी बनाते हुए जिला उपभोक्ता आयोग के फरवरी 2023 के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसमें शिकायत को आयोग ने रद्द कर दिया था। शिकायतकर्ता ने 4 अप्रैल 2021 को प्रतिवादी ने शिकायतकर्ता से दो किनले वॉटर बोतलों के 99-99 रुपये चार्ज किए थे। इनका एमआरपी 20-20 रुपये था। शिकायतकर्ता यहां अपने दोस्तों और परिवार के साथ गए थे। यहां इन दो पानी की बोतलों समेत कुल 20 आइटम्स का आर्डर दिया था।
प्रतिवादी ने कहा कि लीगल मेट्रोलॉजी एक्ट के तहत होटल और रेस्टोरेंट द्वारा पानी की बोतल पर एमआरपी से ज्यादा चार्ज करने पर कोई निषेध नहीं है, हालांकि राज्य उपभोक्ता आयोग ने कहा कि एमआरपी में सभी प्रकार के टैक्स शामिल होते हैं। ऐसे में किसी को भी इसे इससे ज्यादा चार्ज वसूलने की मंजूरी नहीं है।
शिकायतकर्ता का कुल बिल 3,651 रुपये आया था। इस पर 2.5 प्रतिशत का जीएसटी भी लिया गया था। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह 9 अक्तूबर 2023 को सेक्टर-7सी के ही सिंगला ट्रेडर्स एवं सप्लायर से वैसी ही किनले की बोतल 20 रुपये की लाया था, जिस पर कोई जीएसटी नहीं लगाया गया था। दलील दी गई कि प्रतिवादी पक्ष 20 रुपये की बोतल का लगभग चार गुना ज्यादा पैसा नहीं वसूल सकता। आयोग ने अपीलकर्ता शिकायतकर्ता का केस मंजूर करते हुए निचले आयोग के फैसले को रद्द करते हुए यह आदेश दिए।