गुरदासपुर में कुछ ऐसे स्कूल पहुंच रहे मासूम।
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लौंगोवाल में हुए दुखद हादसे के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार को स्कूल वाहनों की चेकिंग का अभियान चलाया। दोपहर 3 बजे तक की गई चेकिंग के दौरान जिले में कुल 199 स्कूल वाहन चेक किए गए। इनमें से 92 वाहनों के चालान काटे गए और दो बसों को थाने में बंद कर दिया गया। डीसी मोहम्मद इश्फाक ने रविवार को ही अधिकारियों की एक मीटिंग बुला कर कड़े निर्देश दिए गए थे।
सोमवार को सुबह से ही प्रशासन के कई अधिकारियों की स्कूल वाहन चेक करने की ड्यूटी लगाई गई। चेकिंग के दौरान स्कूल वाहन नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की सुरक्षा के साथ समझौता करते दिखे। कई स्कूल की बसों में फायर सेफ्टी उपकरण नहीं था तो किसी में ड्राइवर ने वर्दी पहन रखी थी। किसी बस को रंग लगाकर महज खानापूर्ति के लिए स्कूल बस का नाम दिया गया था। इसी तरह कई बसों के पास कागज ही नहीं थे।
कुछ वाहनों में बच्चों को ठूंस-ठूंसकर बैठाया गया था। आरटीओ बलदेव सिंह रंधावा ने बताया कि दोपहर तीन बजे तक जिले में चेकिंग के दौरान कुल 199 स्कूल वाहनों की चेकिंग की गई। इनमें से 92 वाहनों के चालान काट कर 2 थाने में बंद किए गए। उन्होंने बताया कि जिन बसों के चालान काटे गए है उनके पास दस्तावेजों की कमी थी। कई बसों में सीसीटीवी कैमरा नहीं थे और चालक ने वर्दी नहीं डाली थी।
जल्द कमियां दूर करने की हिदायत दी गई है और जिन स्कूल बसों को बंद किया गया है वह मोटर व्हीकल एक्ट नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। डीसी ने भी कहा कि स्कूल बसों की चेकिंग निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने ट्रांसपोर्ट, पुलिस व जिला बाल सुरक्षा अफसर समेत संबंधित अधिकारियों को मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर लगातार नजर रखने के भी निर्देश दिए। उन्होने स्कूल के मालिकों से भी अपील करते हुए कहा कि वह नियमों का पालन करें।