हिसार के गांव किरमारा में अपने ससुर की चौधर बचाने के लिए बैंक की नौकरी छोड़कर मैदान में उतरी एमबीए बहू टीना को आठवीं पास सुनीता ने हरा दिया।
टीना ने एमबीए की डिग्री हासिल करने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा में नौकरी शुरू की थी। गांव में सरपंची का पद सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित था।
ऐसे में टीना अपने सुसर चंद्रभान की चौधर बचाने के लिए नौकरी छोड गांव के चुनावी मैदान में उतरी। वर्ष 2011 में सरपंच पद के लिए उपचुनाव हुआ था। जिसमें सुनीता के पति सूरजभान मैदान में उतरे थे।
सूरजभान करीब 174 वोट से हार गए थे। पिछली बार जीत के बेहद करीब पहुंचने वाले सूरजभान ने इस बार सरपंची का पद महिला आरक्षित होने पर अपनी आठवीं पास पत्नी को एमबीए टीना लोहचब के सामने उतारा।
सुनीता को 2587 वोट हासिल हुए। उसने टीना लोहचब को 1282 वोट से हराया। सुनीता ने कहा कि वह गांव में ही रहकर गांव के विकास के लिए काम करेंगी।