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Chandigarh News: कोरोना का खतरा बढ़ा, चंडीगढ़ की 87 प्रतिशत आबादी ने नहीं लगवाई बूस्टर डोज

Fri, 23 Dec 2022 01:50 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

डॉ. मंजीत ने लोगों से अपील की है कि वह खुद के साथ ही घर के बाकी सदस्यों का टीकाकरण जल्द से जल्द करवा लें। साथ ही उन्होंने बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों को गंभीर होने की सलाह दी क्योंकि मौजूदा समय में 12 से 14 और 15 से 18 साल के लाभार्थियों के कोरोना टीके की सभी खुराक पूर्ण नहीं हो पाई है।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दुनिया के कई देशों में कोरोना संक्रमण के फैलने के बाद भारत में इसे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है लेकिन वायरस से बचाव को लेकर चंडीगढ़ के लोग लापरवाह नजर आ रहे हैं। स्थिति यह है कि शहर में अब तक महज 13.16 प्रतिशत लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाया है। ऐसे में संक्रमण दर को लेकर बढ़ता खतरा प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के लिए चिंता का विषय बन गया है। तमाम प्रयास के बावजूद लोग टीका लगवाने से कतरा रहे हैं जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमण से बचाव में टीके की खुराक बेहद महत्वपूर्ण है।

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राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि मौजूदा समय में जीएमएसएच-16 के टीकाकरण केंद्र में पहली और दूसरी डोज के साथ बूस्टर डोज भी लगाई जा रही है। लाभार्थियों की संख्या बेहद कम होने के कारण टीके के नुकसान को ध्यान में रखते हुए अन्य केंद्रों को फिलहाल बंद कर दिया गया था लेकिन लाभार्थियों की संख्या बढ़ने पर पुन: उन केंद्रों का संचालन किया जाएगा। 

डॉ. मंजीत ने लोगों से अपील की है कि वह खुद के साथ ही घर के बाकी सदस्यों का टीकाकरण जल्द से जल्द करवा लें। साथ ही उन्होंने बच्चों के टीकाकरण को लेकर अभिभावकों को गंभीर होने की सलाह दी क्योंकि मौजूदा समय में 12 से 14 और 15 से 18 साल के लाभार्थियों के कोरोना टीके की सभी खुराक पूर्ण नहीं हो पाई है।

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बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार
स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुमन सिंह ने बताया कि संक्रमण से बचाव की व्यवस्था के लिए विभाग पूरी तरह तैयार है। इसमें उन्हें जनता का सहयोग चाहिए। उन्होंने बताया कि जीएमएसएच-16 समेत सभी अस्पतालों को निर्देशित कर दिया है कि वे अपने यहां कोविड के इलाज संबंधी दवाओं के स्टॉक मेंटेन कर लें। अस्पतालों में ऑक्सीजन व वैक्सीन का भरपूर स्टॉक है। ऑक्सीजन प्लांट व अन्य साधनों की समीक्षा शुरू कर दी गई है ताकि जहां कमी मिले उसे शीघ्र दूर किया जा सके।
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ऑक्सीजन का स्टॉक भरपूर
  • लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन- 86.5 किलो लीटर
  • ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर- 500
  • ऑक्सीजन सिलिंडर- 2502

ऑक्सीजन जेनरेटर प्लांट
  • पीजीआई-  एक एक हजार लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) के दो प्लांट
  • जीएमसीएच 32- एक हजार और 800 एलपीएम के एक-एक प्लांट
  • जीएमएसएच 16- 500 और 800 एलपीएम के एक-एक प्लांट
  • सेक्टर 48 अस्पताल- 100 एलपीएम का एक प्लांट

इसका रखें ध्यान
  • सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क लगाकर रखें
  • शारीरिक दूरी सभी के लिए बहुत जरूरी है
  • हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें, सैनिटाइजर का प्रयोग करें
  • भीड़-भाड़ वाली जगह जैसे शादी, राजनीतिक-सामाजिक रैलियों में जाने से बचें
  • अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को फिलहाल टाल दें
  • सांस लेने, खांसी, गले में खराश या लूज मोशन की दिक्कत कुछ समय तक बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें
  • टीकाकरण जरूर कराएं, तय समय पूरा हो गया हो तो बूस्टर डोज लगवाएं
  • सरकार द्वारा समय-समय पर सुझाए जा रहे बचाव के तरीकों का सख्ती से पालन करते रहें 
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