पीएचसी व सीएससी से लेकर जिला अस्पतालों में कमी
पीएचसी व सीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में भी डॉक्टरों की कमी हैं। खासकर मेवात, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, नारनौल, यमुनानगर, सिरसा और हिसार जिलों में अधिक पद खाली हैं। पिछली भर्ती में भी ज्वाइन नहीं करने वाले डॉक्टरों ने इन स्टेशनों पर जाने से इंकार कर दिया था और मनपंसद के जीटी रोड और दिल्ली के नजदीक के स्टेशनों की मांग की थी।
इसलिए नहीं हो रही डायरेक्टर एसएमओ की भर्ती
विभाग में पहले डायरेक्ट तौर पर एसएमओ की भर्ती होती थी। एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन) ने इसका विरोध जताया था और मांग की थी कि डायरेक्ट भर्ती के बजाय मेडिकल ऑफिसरों को पदोन्नत किया जाए। एचसीएमएस के पूर्व प्रधान डॉ. जसबीर परमार का कहना है कि वैसे मेडिकल ऑफिसर को एसएमओ बनने में 18 से 20 साल लगते हैं, अगर कोई सीधे एसएमओ लगता है तो वह सिविल सर्जन से लेकर विभाग में कुछ ही सालों में बड़े पदों पर पहुंच जाते हैं, जबकि उनसे सीनियर मेडिकल ऑफिसर ही रह जाते हैं। सरकार को चाहिए कि पदोन्नति के माध्यम से इन खाली पदों को भरा जाए।
खाली पदों को भरने के लिए प्रक्रिया जारी है। 1254 की भर्ती में प्रतीक्षा सूची वालों को नियुक्ति का अंतिम मौका दिया गया है। विशेषज्ञों की भर्ती के लिए भी तैयारी की जा रही है। -डॉ. सोनिया त्रिखा खुल्लर, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग।