नगर निगम ने नए वित्तीय सत्र के लिए वीरवार को 818.80 करोड़ रुपये का बजट पास किया। यह पिछले बजट के मुकाबले करीब 121 करोड़ रुपये ज्यादा है।
इस बजट में कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करने का प्रावधान तो नहीं रखा गया, लेकिन शहरवासियों को टैक्स में बड़ी राहत दी गई। इस बार शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं थोपा गया। नए बजट में नगर निगम के अंतर्गत आने वाली सरकारी डिस्पेंसरी और अस्पतालों में बेटी पैदा होने पर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत बच्ची और उसकी मां को विशेष किट के साथ-साथ हेल्थ टॉनिक, फूड और स्पेशल डाइट देने का प्रावधान रखा गया है। हालांकि, सदन में भाजपा पार्षद देवेश मोदगिल ने लड़की के जन्म पर पांच हजार रुपये की एफडी करवाने का भी सुझाव दिया।
सेक्टर-17 बस स्टैंड चौक पर बनेगा अंडरपास
मेयर पूनम शर्मा ने अपने बजट भाषण में कहा कि प्रशासन की ओर से अंडरपास बनाने का जो काम नगर निगम को मिला है, उसके तहत पहले अंडरपास का निर्माण सेक्टर-17 बस स्टैंड चौक पर जल्द शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही महिला भवन का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा कर लोगों को सौंपा जाएगा।
दो हाइड्रोलिक टेंडर खरीदेंगे
नए बजट में दो हाइड्रोलिक टेंडर भी खरीदने का प्रावाधान रखा गया है। बजट के अनुसार 350 किमी की सड़क की इसी सत्र में कारपेटिंग की जाएगी।
कॉलोनियों का बजट बढ़ाया, गांवों का नहीं
नगर निगम ने कॉलोनियों में खर्च होने वाले बजट की राशि 2 से बढ़ाकर 9 करोड़ कर दी है, जबकि गांव का बजट दो करोड़ ही रखा गया है। हालांकि, गांव और कॉलोनियों में 24 घंटे पानी की सुविधा मुहैया कराने की बात कही गई है।
शिक्षा, प्राइमरी हेल्थ के लिए 50 करोड़
प्राइमरी शिक्षा का बजट 20 और प्राइमरी स्वास्थ्य का बजट 30 करोड़ रुपया रखा गया है। ये दोनों विभाग प्रशासन की ओर से नगर निगम को मिले हैं, लेकिन कमेटियों का गठन नहीं होने से दोनों विभागों पर नगर निगम कोई खर्च नहीं कर पा रहा था। अब कमेटियों का गठन हो गया है।
कजौली से पानी लाने पर खर्चेंगे 20 करोड़
कजौली वाटर वर्क्स के चौथे और पांचवें फेज से पानी लेने के लिए होने वाले निर्माण कार्यों पर 20 करोड़ का बजट रखा गया है। नगर निगम ने 20 करोड़ रुपये पाइप लाइन डालने के लिए रखे हैं, जो पंजाब बाउंड्री से लेकर चंडीगढ़ तक डाली जाएगी। अभी इस प्रोजेक्ट पर गमाडा काम कर रहा है। हालांकि, अभी तक पंजाब इन दोनों फेज से चंडीगढ़ को पानी देने के लिए तैयार नहीं हुआ है।
10 करोड़ से लगेंगी एलईडी लाइट्स
बजट में 4 करोड़ रुपये की राशि ट्यूबवेल की बोरिंग के लिए रखी गई है। इसके अलावा 14 करोड़ रुपये सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज सिस्टम की अतिरिक्त पाइप लाइन डालने के लिए रखा गया है। वहीं, 10 करोड़ से एलईडी लाइट्स लगाने और पहली बार पार्षदों के वेलफेयर के लिए अलग से फंड बनाने का निर्णय लिया गया।
पहली बार मेयर ने अंग्रेजी में पढ़ा भाषण
अभी तक जितने भी मेयर रहे हैं, वे हर बार हिंदी में बजट भाषण पढ़ते आए हैं, लेकिन मेयर पूनम शर्मा ने पहली बार अंग्रेजी में भाषण पढ़ा है।
मेयर ने खेला सियासी कार्ड
मेयर ने अपने बजट भाषण में राजनीति कार्ड खेलते हुए पूर्व सांसद पवन बंसल का भी जिक्र किया। मेयर ने पूर्व सांसद का धन्यवाद करते हुए कहा कि पिछले साल उन्होंने ही नगर निगम को एमपी लैंड फंड से सफाई कार्यों के लिए चार ट्रक दिए थे। हालांकि, भाजपा पार्षद दल के नेता अरुण सूद ने इसका विरोध किया, जिसके जवाब में मेयर ने कहा कि वर्तमान सांसद भी कुछ सहयोग करेंगी तो भाषण में उनका नाम भी शामिल किया जाएगा।
फंड बढ़ाने की उठी मांग
डिप्टी मेयर गुरबख्श रावत ने सदन में कहा कि डिप्टी और सीनियर डिप्टी मेयर को जो फंड मिलता है, उसमें बढ़ोतरी होनी चाहिए। इस समय इन दोनों को शहर के लिए 10-10 लाख रुपये मिलते हैं, जबकि एक वार्ड पार्षद को हर साल 40 लाख रुपये का फंड मिलता है।
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प्रस्तावित खर्च.....(करोड़ में)
नॉन प्लान.....470.65
प्लान.....348.15
कमाई.....151.33
(प्लान बजट विकास कार्यों पर खर्च होंगे और नॉन प्लान बजट से जनसुविधाएं और कर्मचारियों के वेतन पर खर्चे जाएंगे)।
किस विभाग के लिए कितना बजट
विभाग एवं कार्य राशि (करोड़ में)
बिल्डिंग एंड रोड .....80
सिविल वर्क.....28
सोल्डि वेस्ट मैनेजमेंट.....41.20
प्राइमरी हेल्थ.....30
वाटर सप्लाई.....22
सीवरेज.....14
बिजली.....10
लैंड स्केपिंग.....08
वार्ड डेवलपमेंट.....12.70
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कांग्रेस ने कहा-अच्छा तो भाजपाई बोले-कागजी बजट
कोट्स....
यह भटकाने वाला और कागजी बजट है। पिछले बजट के आंकड़ों को सिर्फ कॉपी पेस्ट किया गया है। शहरवासियों के लिए नया प्रोजेक्ट मिलना चाहिए था, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान पर ध्यान नहीं दिया गया।
- अरुण सूद, भाजपा पार्षद दल के नेता
शहरवासियों पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है, बल्कि जो ऑन गोइंग प्रोजेक्ट है, उन्हें पूरा करने पर जोर दिया गया है। शहर में बेटी बचाने को बढ़ावा देने के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है। यह सराहनीय बजट है।
- सुभाष चावला, पूर्व मेयर एवं कांग्रेस पार्षद