चंडीगढ़। सेक्टर-39 स्थित नई अनाज, फल एवं सब्जी मंडी में अगस्त 2026 से एससीओ (शोरूम) प्लॉट्स की नीलामी दोबारा शुरू होगी। यूटी प्रशासन का लक्ष्य सेक्टर-26 की पुरानी मंडी को यहां स्थानांतरित करना है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 185 से 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड ने नीलामी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रशासन से आवश्यक अनुमतियां और पर्यावरण मंजूरी मांगी है। अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही आधिकारिक आदेश जारी होंगे, ई-नीलामी की अगली प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद मंडी विस्तार की राह साफ हो चुकी है।
करीब 75 एकड़ में विकसित की जा रही इस आधुनिक मंडी में कुल 92 एससीओ बनाए जाने हैं। पहले चरण में 23 प्लॉट्स की नीलामी की गई थी, जिनमें से 12 शोरूम बिक चुके हैं। अब शेष 80 एससीओ को आगामी चरणों में ई-नीलामी के माध्यम से बेचा जाएगा। कलेक्टर रेट में संशोधन के बाद 120 वर्ग गज के एक एससीओ का आरक्षित मूल्य 3.70 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5.40 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इंजीनियरिंग विभाग की मंजूरी के बाद परियोजना पर प्रस्तावित राशि खर्च की जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा नई मंडी
नई मंडी को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां राज्य कृषि विपणन बोर्ड और मार्केट कमेटी के प्रशासनिक कार्यालय बनाए जाएंगे। फल और सब्जियों के सुरक्षित भंडारण के लिए दो कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस तैयार किए जाएंगे, ताकि कृषि उत्पादों की बर्बादी कम हो सके। इसके अलावा ट्रकों की सुगम आवाजाही के लिए मजबूत कंक्रीट सड़कें, कवर्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, बड़ा पार्किंग क्षेत्र और अत्याधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि नई मंडी शुरू होने से व्यापारियों और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी तथा सेक्टर-26 की मौजूदा मंडी पर बढ़ता दबाव भी कम होगा।
कोट्स
सेक्टर-39 नई मंडी परियोजना को गति देने के लिए साप्ताहिक समीक्षा की जा रही है। लंबित औपचारिकताएं तुरंत पूरी करने के निर्देश दिए हैं। यह परियोजना 80 शेष शोरूमों की ई-नीलामी से प्राप्त राजस्व के माध्यम से आत्मनिर्भर मॉडल पर विकसित की जा रही है। इसमें ऑर्डर मिलने के बाद हम शो रूम की नीलामी अगस्त तक शुरू कर सकते हैं। -डी. कार्तिकेयन, सचिव, कृषि विपणन बोर्ड