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E-Buses: 80 ई-बसों ने बचाया 25.45 लाख लीटर डीजल, पर्यावरण के लिए भी फायदा, अब बेड़ा बढ़ाकर 438 करेगा सीटीयू

Mon, 02 Dec 2024 10:04 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

80 ई-बसों ने न केवल लाखों लीटर डीजल बचाया है, बल्कि वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन को भी काफी हद तक कम किया है। 6719 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की रोकथाम ने शहर की वायु गुणवत्ता पर भी सकारात्मक प्रभाव डाला है। ई-बसों का संचालन पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद साबित हो रहा है। 
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सीटीयू की बसें - फोटो : https://chdctu.gov.in/
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विस्तार
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चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की मौजूदा 80 ई-बसों ने अब तक 25.45 लाख लीटर डीजल की बचत की है और साथ ही 6719 मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड को वातावरण में जाने से रोका है। 
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विभाग को आर्थिक बचत भी हो रही है। इसलिए सीटीयू ने 2026-27 तक इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को 80 से बढ़ाकर 438 करने का लक्ष्य रखा है। हर साल के लिए लक्ष्य तय किया गया है। विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अगले कुछ महीनों में सीटीयू को 100 ई-बसें मिल सकती हैं। इसके लिए एक कंपनी से समझौता भी हो चुका है।

डीजल पर होने वाले खर्च में कमी से परिवहन विभाग को आर्थिक बचत हो रही है। सीसीबीएसएस के राजस्व में वर्ष 2021-22 से अब तक लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्ष 2021-22 में सीसीबीएसएस ने साल भर में जितनी कमाई की थी, वर्ष 2024-25 में पहली तिमाही में ही करीब उतने रुपये कमा लिए हैं। इसके अलावा, ई-बसें अपेक्षाकृत कम मेंटेनेंस की मांग करती हैं, जिससे परिचालन लागत कम होती है। सीटीयू ने 2026-27 तक अपने इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को 438 तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया है। इसके तहत इस साल चंडीगढ़ में 100 और अगले साल 170 नई ई-बसें शामिल करने की योजना है।
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अगले चार-पांच महीने में आ सकती हैं 100 ई-बसें

सीटीयू ने 12 मीटर की अल्ट्रा लो फ्लोर की 100 ई-बसों के लिए पीएमआई के साथ समझौता किया है। यह बसें डिपो नंबर-4 के 100 डीजल बसों की जगह लेंगी। किलोमीटर के आधार पर बसें चलाई जाएंगी, जिसके लिए सीटीयू 61.80 रुपये चुकाएगा। इसमें केंद्र सरकार से प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। 

वर्तमान में शहर की सड़कों पर जो 80 इलेक्ट्रिक बसें दौड़ रही हैं, वो केंद्र सरकार की फेम इंडिया स्कीम के अंतर्गत लाई गई हैं। प्रति बस केंद्र सरकार ने चंडीगढ़ को 45 लाख रुपये की सब्सिडी दी है लेकिन अब सब्सिडी देने के मॉडल को बदला गया है। अब प्रति किमी 24 रुपये की सब्सिडी केंद्र देगा। वर्तमान में 40-40 करके 80 ई-बसों के लिए दो कंपनियों से समझौता हुआ है। पहली 40 बसों के लिए अशोक लेलैंड से 10 साल के लिए 154.01 करोड़ और फरवरी 2022 में अन्य 40 बसों के लिए वोल्वो-आयशर के साथ 10 साल के लिए 115.44 करोड़ रुपये में समझौता हुआ। वोल्वो-आयशर को सीटीयू 44.99 रुपये प्रति किलोमीटर चुका रहा है।

डीजल बसों को ई-बसों से बदलने का प्रस्ताव

वर्ष                                 बसों की संख्या
2024-25                         100 (पीएम ई-बस सेवा)
2025-26                         170
2026-27                         88
2026-27 तक कुल बेड़ा       358+वर्तमान की 80 बसें - 438 ई बसें

सीसीबीएसएस की वित्तीय स्थिति

वित्तीय वर्ष - राजस्व (करोड़ रुपये में)
2021-22 - 33.66
2022-23 - 59.74
2023-24 - 62.91
2024-25 (प्रथम तिमाही) - 31.22

बेड़े की क्षमता (सीटीयू + सीसीबीएसएस)
संचालन             बस का प्रकार             ईंधन             बसों की संख्या
इंटर स्टेट            एचवीएसी               डीजल               119
                      सामान्य बसें             डीजल                49
ट्राइसिटी             एचवीएसी               डीजल                 79
                      सामान्य बसें             डीजल                199
                      सिर्फ एसी                डीजल                 80
                       सिर्फ एसी              इलेक्ट्रिक               80
                सेमी अर्बन सामान्य बसें      डीजल                 36
कुल बसें                                                             642
 
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