चंडीगढ़। चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) की 77 बसें 18 नवंबर को अपनी निर्धारित मियाद पूरी कर सड़क से हट जाएंगी। डिपो नंबर 4 की कुल 100 बसें कंडम श्रेणी में जा रही हैं जिनमें से 77 बसें इस सप्ताह हटाई जाएंगी जबकि 23 बसों की समय सीमा मार्च 2026 में पूरी होगी। बसें हटने के बाद यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए परिवहन विभाग ने लाॅन्ग रूट की 40 बसें ट्राइसिटी में उतारने की तैयारी कर ली है।
ट्रांसपोर्ट डायरेक्टर-कम-डिविजनल मैनेजर सीटीयू प्रद्युमन सिंह का कहना है कि ट्राइसिटी में सेवा प्रभावित न हो इसके लिए पंजाब, हरियाणा, हिमाचल और अन्य राज्यों में चलने वाली लॉन्ग रूट की बसों को वापस मोड़कर इन्हीं रूटों पर लगाया जाएगा।
परिवहन विभाग के पास चंडीगढ़ के साथ-साथ पंचकूला, मोहाली, जीरकपुर व डेराबस्सी रूट पर बसें चलाने की चुनौती रहेगी। शनिवार को बैठक कर निर्णय लिया गया कि 19 नवंबर से डिपो नंबर-1 से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल समेत अन्य राज्यों की लॉन्ग रूट की 40 नॉन एसी व साधारण बसों को ट्राइसिटी के इन रूटों पर लगाया जाएगा ताकि यात्रियों को असुविधा का सामना न करना पड़े।
विभाग के अनुसार हर रूट पर कम से कम दो बसें अनिवार्य रूप से चलाई जाएंगी ताकि पीजीआई, जीएमसीएच-32 या जीएमएसएच-16 में इलाज और पंजाब यूनिवर्सिटी में रोजाना कामकाज, पढ़ाई और इलाज के लिए सफर करने वालों को दिक्कत न हो। डिपो नंबर-1 की नॉन-एसी और सामान्य बसों को आदेश जारी कर दिए गए हैं जो 19 नवंबर से ट्राइसिटी में चलनी शुरू हो जाएंगी। पुराने रूट की बेहतर समझ के लिए आउटसोर्स कंडक्टरों को ही नई बसों में तैनात किया जाएगा।