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धरने-प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच छात्र संघ चुनाव संपन्न, 70 फीसदी पदों पर लड़कियों का कब्जा

Thu, 18 Oct 2018 08:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, यमुनानगर (हरियाणा)
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Student union election
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हरियाणा में 22 साल बाद अप्रत्यक्ष प्रणाली हुए छात्र संघ चुनाव में प्रधान और कक्षा प्रतिनिधि के करीब 70 फीसदी पदों पर लड़कियों ने कब्जा जमाया है। चूंकि चुनाव का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अलावा अन्य छात्र संगठनों ने विरोध किया था इस कारण अधिकतर पदों पर निर्दलीय और एबीवीपी समर्थक विजयी हुए हैं। 

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विरोध का आलम यह रहा कि अधिकतर पदों पर प्रत्याशी तक नहीं मिले। कालेज और विश्वविद्यालय प्रबंधन ने टॉपर विद्यार्थियों को सीआर बनाया फिर उसमें से प्रधान चुना गया। इस प्रक्रिया में भी अधिकतर टॉपर विद्यार्थियों ने भाग नहीं लिया। इस तरह 22 साल बाद हुआ छात्र संघ चुनाव मजाक बनकर रह गया। इससे छात्र राजनीति या विद्यार्थियों का क्या भला होगा यह भविष्य में पता चलेगा। 

कैथल में लड़कियों ने मारी बाजी 
कैथल में 10 कॉलेजों में से सात कॉलेजों में लड़कियां प्रधान बनीं हैं। जबकि तीन में लड़के प्रधान बने हैं। एबीवीपी का 1, एक आर्य समाज और 8 निर्दलीय बताए जा रहे हैं।
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आईजीयू में निर्दलीय बना अध्यक्ष 
रेवाड़ी में छात्रसंघ चुनाव में इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय में सचिव और संयुक्त सचिव पद जहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के खाते में गई है, वहीं अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद निर्दलीय संगठन स्टूडेंट वेलफेयर आर्गेनाइजेशन समर्थित उम्मीदवार ने जीता है। अध्यक्ष ज्योति को एसडब्ल्यूओ का साथ मिला, जबकि उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह खुले रूप से इस संगठन का पदाधिकारी हैं। 

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इसी तरह सचिव पद के लिए विनय कुमार और राखी संयुक्त सचिव पद पर विजेता रही हैं। दोनों पदाधिकारी अभाविप के हैं। वहीं, शहर के चारों कॉलेजों में बेटियों ने प्रधान पद पर जीत दर्ज की है। जिले में कॉलेज और विश्वविद्यालय के लिए 268 सीआर के लिए चुनाव हुआ, जिसमें 139 छात्राएं चुनी गई हैं। अधिकतर एबीवीपी समर्थित हैं। 

 11 कालेजों में लड़कियां बनीं प्रधान
अंबाला जिले में 13 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव हुआ। 11 कॉलेजों में लड़कियां प्रधान बनीं हैं। दो कॉलेजों में लड़के प्रधान चुने गए हैं। चुनाव शांतिपूर्ण हुए। 

अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को नहीं आया रास
रोहतक में अप्रत्यक्ष छात्र संघ चुनाव विद्यार्थियों को रास नहीं आया। बुधवार को एमडीयू, सुपवा और विभिन्न कॉलेजों में सुबह सीआर चुनाव और दोपहर बाद प्रधान समेत कार्यकारिणी चुनाव कराए गए। प्रतिभागियों की संख्या आधे से भी कम रही। वोटिंग भी 15 प्रतिशत से कम रही। एमडीयू के 223 में से करीब सौ सीआर चुनाव प्रक्रिया में शामिल हुए। सीआर चुनाव जीतने के बाद प्रधान व कार्यकारिणी चयन प्रक्रिया में शामिल दो छात्रों ने एबीवीपी का एक मात्र पैनल होने के चलते चुनाव का बहिष्कार कर दिया। 

जाट कॉलेज में 107 में से एक भी टॉपर विद्यार्थी सीआर के तौर पर चुनाव प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ। इसके चलते प्रधान व अन्य पदों पर प्रत्याशियों का चुनाव नहीं हो सका। इससे पहले सुबह राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राओं ने चुनाव के विरोध में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन्हें हिरासत में ले लिया गया और दोपहर को छोड़ दिया गया। 

इधर, विभिन्न छात्र संगठनों का चुनाव बहिष्कार जारी रहा। कैंपस में छात्र संगठनों ने अप्रत्यक्ष चुनाव प्रक्रिया के विरोध में नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। बाद में लाइब्रेरी के सामने पार्क में बैठक कर रणनीति पर चर्चा की और वहीं धरने पर बैठ गए। चुनाव में सुरक्षा के मद्देनजर कैंपस में पुलिस बल तैनात रहा। 

पांच बेटियों के सिर सजा प्रधानी का ताज

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चरखी दादरी में छात्र संघ चुनाव में सीआर की नियुक्ति के बाद शीर्ष चार पदों के परिणाम भी सभी छह कालेजों में शाम करीब पांच बजे घोषित कर दिए गए। छह में से पांच कालेजों की प्रधानी का ताज बेटियों के सिर सजा है। एमएलआर कालेज की प्रधानगी की कमान लड़के के हाथ में गई है। प्रधान, उपप्रधान, सचिव और सहसचिव के पद पर एबीवीपी का दबदबा रहा। चार कालेजों में चुनी गईं प्रधान एबीवीपी समर्थक हैं, जबकि जनता कालेज की प्रधानी इनसो समर्थक को मिली है। 

पानीपत के नौ में से पांच कालेजों में बेटियां बनीं प्रधान
पानीपत जिले के 9 डिग्री कॉलेजों में से 7 कॉएड और 2 महिला कॉलेजों में 22 साल बाद अप्रत्यक्ष रूप से छात्र संघ चुनाव हुए। 4 कॉलेजों में लड़के और 5 में लड़कियों को प्रधान चुना गया। देवीलाल मेमोरियल कॉलेज में चुनाव नहीं कराया गया। 

हिसार के नौ कालेजों में से छह में लड़के प्रधान बने
हिसार शहर के 9 कालेजों में छह में लड़के और तीन लड़कियां प्रधान चुने गए हैं। वहीं, गुरु जंभेश्वर विज्ञान विश्वविद्यालय में एबीवीपी के गौरव कादियान को प्रधान चुना गया है। इससे पहले सीआरएम जाट कॉलेज के बाहर गांधी ग्रुप स्टूडेंट ऑफ ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने इनसो और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और धरना दिया। 

इनका आरोप है कि जाट कॉलेज के एक प्रोफेसर ने इनसो के पक्ष में वोट डालने का दबाव बनाया। मौके पर तैनात पुलिस बल ने धरना समाप्त करवाकर विद्यार्थियों को खदेड़ दिया। दूसरी ओर डीएन कॉलेज में सीआर की वोटिंग को लेकर विद्यार्थियों में हाथापाई हो गई। जीजेयू के मेनगेट के बाहर से विद्यार्थियों ने अप्रत्यक्ष चुनाव के विरोध में पुलिस को गिरफ्तारी दी। 

फरीदाबाद में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज

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फरीदाबाद में अप्रत्यक्ष छात्रसंघ चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर रहे विभिन्न छात्र संगठनों ने बुधवार को वाईएमसीए विश्वविद्यालय के गेट पर नारेबाजी की। छात्रों ने ताला लगाने का प्रयास किया, मगर पुलिस ने छात्रों को खदेड़ दिया। बाद में काफी संख्या में छात्र नेहरू कॉलेज पहुंचे और नारेबाजी की। छात्रों ने हंगामा किया तो पुलिस ने लाठियां बरसा दीं। लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए हैं। हंगामे के बाद छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया संपन्न हुई।

मुरथल यूनिवर्सिटी में निर्दलीय अभय बने अध्यक्ष
 दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी में निर्दलीय अभय दहिया प्रधान चुने गए हैं। दहिया निर्दलीय चुनाव लड़े थे। वह कांग्रेस नेता सुरेंद्र दहिया के भतीजे हैं। अभय की जीत से कांग्रेस नेता उत्साहित हैं। इनके अलावा सीआरए कालेज में हिमांशु सरोह अध्यक्ष बने हैं तो हिंदू गर्ल्स कालेज में प्रियंका और हिंदू कालेज में नेहा दहिया ने अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया है।

26 पदों पर बेटियों का परचम 
महेंद्रग्रढ़ जिले के 11 कॉलेजों में छात्र संघ के चुनाव में छह कालेजों में लड़के प्रधान बने। जबकि पांच कॉलेजों में लड़कियां प्रधान चुनी गईं। संयुक्त सचिव व सचिव के 7-7 पदों पर छात्राओं ने परचम लहराया। उपप्रधान के भी सात पदों पर छात्राओं ने जीत हासिल की। कुल 44 पदों में से 26 पदों पर बेटियों ने परचम लहराया। 18 पदों पर लड़कों को जीत हासिल हुई। 

15 में से 12 कालेजों में ही चुनाव 
झज्जर में छात्रसंघ चुनाव में 15 कॉलेजों में करीब 12 हजार छात्रों ने हिस्सा लिया। सभी जगह पर निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे। शहर के नेहरू कॉलेज में अखिल, दुजाना राजकीय कालेज में नवदीप, अग्रसेन महिला कालेज में प्रकीर्ति, दूबलधन राजकीय कालेज में सचिन, आईपी कालेज झज्जर में नैंसी को प्रधान चुना गया।
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फतेहाबाद के दोनों कॉलेजों में लड़कियों ने मारी बाजी

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फतेहाबाद जिले के दोनों ही कॉलेजों में बेटियों ने प्रधान पद पर कब्जा किया है। एमएम कॉलेज में बीकाम की छात्रा अमनज्योत जबकि महिला महाविद्यालय में बीटीएम की छात्रा अमनदीप प्रधान बनी हैं। एमएम कॉलेज में उपप्रधान के पद पर रमेश पंवार विजयी रहे, सचिव पद पर बी लाइब्रेरी के गौरव चंदेल, सहसचिव के पद पर एमए पंजाबी की छात्रा अमरजीत कौर ने बाजी मारी। महिला महाविद्यालय में उपप्रधान पद पर बीएससी मेडिकल की छात्रा शिक्षा विजयी रही। बीएसी नान मेडिकल की कमलदीप सचिव तो सहसचिव बीकॉम प्रथम की शीतल बनी। 

केयू में चुने गये 223 सीआर 
 कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में 223 सीआर चुने गए। इनमें से वोटिंग से कुल 41 सीआर चुने गये, जबकि 102 सीआर सर्वसम्मति से चुने गए। जिन संस्थानों में नामांकन नहीं हुआ वहां 81 टॉपर को सीआर मनोनीत किया गया। केयू में हुए चुनावों में यूटीडी में हुई कुल वोटिंग-64.95 प्रतिशत रही, जबकि यूसीके में वोटिंग प्रतिशत 22.06 रहा। केयू बीएड कालेज आफ एजुकेशन में 12.2 प्रतिशत वोटिंग हुई। 

जींद के 12 कॉलेजों में से छह पर लड़कियां बनीं प्रधान
जींद के छह कालेज में लड़के और छह कालेज में लड़कियां प्रधान बनीं। सीआरएसयू  में एबीवीपी के युवराज को प्रधान और पंकज पड़ाना को उपप्रधान चुना गया है।

लड़कों ने मारी बाजी 
सिरसा जिले में छह कालेज व एक विश्वविद्यालय में प्रधान पद पर पांच लड़कों ने बाजी मारी है। जबकि प्रधान पद के लिए दो लड़कियों ने बाजी मारी है।
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