2016 की दिवाली की खुशी कई लोगों की जिंदगी में गम दे गई। पटाखों से हुए हादसों मेें घायल 45 मरीज पीजीआई पहुंचे। जानकारी अनुसार पटाखों की रोशनी ने सात लोगों के जीवन में सदा के लिए अंधेरा ला दिया। इन लोगों के आंखों की रोशनी पूरी तरह से चली गई है। पीजीआई में मंगलवार को भी दिवाली पर पटाखों से हुए हादसों में घायल मरीज पहुंचे।
पीजीआई प्रवक्ता के अनुसार दिवाली के लिए पीजीआई इमरजेंसी में कुल 45 लोग पटाखों से जलने के कारण भर्ती हुए। पीजीआई के एडवांस आई सेंटर में स्पेशल ओपीडी का प्रबंध किया गया था। ट्राइसिटी से 16 मरीज पहुंचे। जबकि हिमाचल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश से कुल 29 मरीज पहुंचे। दिवाली पर पटाखों और आगजनी की घटना में घायल मरीजों में 37 पुरुण और 8 महिला मरीज शामिल थे।
20 मरीजों की उम्र 16 साल और 3 मरीज 40 साल से ऊपर की उम्र के थे। 22 मरीजों की उम्र 17 से 40 साल के बीच थी। पीजीआई में पटाखों से घायल मरीजों में 3 साल का बच्चा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार 21 लोग पटाखे चलाते हुए जबकि 24 आतिशबाजी देखते हुए घायल हुए।
पीजीआई में पहुंचे 7 मरीज जांच में पूरी तरह से आंखों की रोशनी खो चुके थे। 26 मरीजों की आंखों की रोशनी बचाने के लिए सर्जरी करनी होगी। पीजीआई डॉक्टरों ने सभी जरूरतमंद मरीजों की सर्जरी मंगलवार को ही शुरू कर दी।