पूरे पंजाब में भीषण गर्मी अब जानलेवा होने लगी है। प्रदेश में अब तक 7 लोगों की गरमी के कारण मौत हो चुकी है। मंगलवार को जालंधर में गरमी से एक राहगीर की मौत हो गई जबकि लुधियाना में एक अधेड़ व्यक्ति की गरमी से जान चली गई।
पठानकोट में लू लगने से बीमार डेढ़ साल की बच्ची की मंगलवार को मौत गई। इससे पहले बठिंडा और पटियाला में भी इसी हफ्ते दो-दो लोगों की जान जा चुकी है। जहां दिन का तापमान 45 डिग्री के पार जा रहा है वहीं लंबे बिजली कटों ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।
जालंधर के गांव मदारां के पास मंगलवार को एक युवक मुन्नी राम की मौत हो गई। मुन्नी राम अपने रिश्तेदार से मिलने के बाद गांव तलहन से गांव मदारां लौट रहा था कि गर्मी के कारण चक्कर खाकर गिर गया।
उसे 108 एंबुलेंस की मदद से सिविल अस्पताल पहुंचाया गया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को शहर के अधिकांश हिस्सों को दिन में चार बार अघोषित कटों का सामना करना पड़ा। वार्ड नंबर-51 के भार्गव कैंप में लोगों ने पानी की किल्लत को लेकर धरना दिया।
उधर, लुधियाना में तपती गर्मी के कारण मंगलवार को सड़क के किनारे रहने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई। थाना डिवीजन नंबर आठ की पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। सब इंस्पेक्टर अजायब सिंह ने बताया कि व्यक्ति की पहचान बालक सिंह के तौर पर हुई है।
मृतक 10-15 साल से हंबड़ा रोड स्थित पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे झुग्गी में रहता था। उसकी उम्र करीब 55 साल की थी। वह इलाके में ही एक फैक्ट्री में मजदूरी करता था।
पठानकोट में सोमवार देर रात लू से पीड़ित डेढ़ साल की मासूम ने दम तोड़ दिया। भिवानी (हरियाणा) की तहसील दादरी के गांव जावा निवासी डेढ़ वर्षीय अनामिका पुत्री भूदेव के दादा सूबेदार नरेंद्र सिंह ममून कैंट में सेना की 89 आर्म्ड यूनिट में तैनात हैं।
बच्ची के माता-पिता उसे लेकर 21 मई को नरेंद्र सिंह के घर पहुंचे थे। इसी बीच लू की चपेट में आने से अनामिका बीमार हो गई। तीन दिन तक उलटी-दस्त के चलते उसकी हालत और गंभीर हो गई। शहर के निजी अस्पताल ने उसे सोमवार को रेफर कर दिया गया। सेना के अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।