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कृष्णा मार्केट के 7 बूथ सील, दुकानदार भड़के

Tue, 27 May 2014 10:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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यूटी प्रशासन के संपदा विभाग ने मंगलवार को सुबह सेक्टर-41 स्थित कृष्णा मार्केट में सात बूथ सील कर दिए। सुबह जब दुकानदार अपनी दुकानों पर पहुंचे तो वह बूथों पर संपदा विभाग द्वारा लगाई गई सील को देखकर भड़क गए।
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दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और वे भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन के साथ सेक्टर-17 स्थित उपायुक्त कार्यालय पहुंच गए। धवन के नेतृत्व में दुकानदारों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त मोहम्मद शाइन से मिला।

उपायुक्त ने दुकानदारों से कहा कि अगर वे साबित कर दें कि बूथ के वही मालिक हैं और उन्होंने इसे न तो बेचा है या न ही किराए पर दिया है, तो वे सील खोल देंगे। इस आश्वासन के बाद दुकानदार मार्केट लौट आए।
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सर्वे में नौ बूथों में मिली थी गड़बड़:  
संपदा विभाग को रविवार को सर्वे के दौरान नौ ऐसे बूथ मिले थे, जिन्हें या तो बेच दिया गया है या इन्हें नियमों के खिलाफ किराए पर दिया गया है। रविवार को एसडीएम (साउथ) कशिश मित्तल के नेतृत्व में संपदा विभाग की टीम ने मार्केट में छापा मारा था और यहां लगभग 25 बूथों की चेकिंग की थी।

इनमें से 9 बूथ ऐसे मिले थे जहां बूथ का असली मालिक मौजूद नहीं थे। दुकान में बैठे व्यक्ति से जब पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। सोमवार को एसडीएम कशिश मित्तल ने उपायुक्त मोहम्मद शाइन को रिपोर्ट थी और इस रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने इन बूथों को सील करने का आदेश जारी किया।

कोट
नियमों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जिन बूथों को बेच दिया गया हो या उन्हें किराए पर दे दिया गया हो, उनके मालिकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। बूथों की चेकिंग आगे भी इसी तरह से जारी रहेगी।
- मोहम्मद शाइन, उपायुक्त  

वे दुकानदारों के साथ उपायुक्त से मिले थे। उपायुक्त ने दुकानदारों को आश्वासन दिया है।
- हरमोहन धवन, भाजपा नेता  

पहले भी किए थे 5 बूथ सील:
संपदा विभाग ने 6 मई को इन बूथों का सर्वे कराया था और इस सर्वे में 59 बूथ शक के दायरे में आए थे क्योंकि इन बूथों के दुकानदार अपनी ऑनरशिप को साबित नहीं कर पाए थे। इनमें से पांच बूथों को सील किया जा चुका है और अब संपदा विभाग चरणबद्ध तरीके से बाकी के बूथों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। बाकी के बूथों की वेरीफेकशन कराने का काम भी चल रहा है। नियमों के हिसाब से अलॉटी न तो इसे बेच सकते थे और न ही इसे आगे किसी को किराए पर दे सकते थे।
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