68 साल की बुजुर्ग महिला पांच कारतूसों से लोडेड .12 बोर की पिस्टल लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई। गेट नंबर-एक पर जब बुजुर्ग महिला के बैग की सिक्योरिटी ने चेकिंग की तो पिस्टल मिली। महिला के पास पिस्टल का पंजाब के जिला लुधियाना का वैध लाइसेंस था लेकिन वह चंडीगढ़ में मान्य नहीं था। सिक्योरिटी टीम ने महिला को पुलिस के हवाले कर दिया।
महिला के खिलाफ सेक्टर-3 थाने में आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है। महिला की पहचान भूपिंदर कौर निवासी राजगढ़, तहसील पायल, जिला लुधियाना के रूप में हुई।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग महिला किसी मामले की सुनवाई को लेकर लुधियाना से हाईकोर्ट पहुंची थी। कांस्टेबल सीमा कुमारी ने बताया कि वह चंडीगढ़ पुलिस में वीआईपी ड्यूटी पर तैनात है। बीते 16 अगस्त से उसकी पोस्टिंग पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के सिक्योरिटी रूम में थी। बीते 29 अक्तूबर को सुबह आठ से शाम 6 बजे तक गेट नंबर-एक पर सिक्योरिटी में ड्यूटी पर तैनात थी। दोपहर करीब ढाई बजे एक बुजुर्ग महिला आई। उसके हाथ में काले व सफेद रंग का बड़ा बैग था।
कांस्टेबल ने महिला का बैग चेक किया तो उसमें पिस्टल रखी थी। कांस्टेबल ने तुरंत महिला को हिरासत में लेकर पिस्टल कब्जे में ले ली। पिस्टल पर एमकेएल फील्ड गन कानपुर-2002 लिखा था। जब खोलकर चेक किया गया तो पांच कारतूस लोडेड थे।
पूछताछ करने पर बुजुर्ग महिला ने पिस्टल का लाइसेंस पेश किया जो डीएम लुधियाना की ओर से जारी किया गया है। यह एक नवंबर 2026 तक वैध है लेकिन यूटी में वैध नहीं है। नियमानुसार यह पिस्टल यूटी में नहीं लाई जा सकती। पूछताछ करने पर बुजुर्ग महिला ने रोना शुरू कर दिया। उसने पुलिस जांच में भी सहयोग नहीं किया। इसके बाद सूचना पाते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बुजुर्ग महिला के खिलाफ आर्म्स एक्ट में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।