आगामी लोकसभा चुनाव के लिए चंडीगढ़ प्रशासन के चुनाव विभाग ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। पिछले लोक सभा चुनाव के मुकाबले में इस बार 68 मतदान केंद्र बढ़ गए हैं।
इसके साथ ही मतदाता भी बढ़ गए हैं, लेकिन, पांच सालों में शहर की जनसंख्या जिस हिसाब से बढ़ी उस हिसाब से मतदाता नहीं बढ़े।
इस बार चंडीगढ़ में 490 मतदान केंद्र होंगे जबकि 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में चंडीगढ़ में 422 मतदान केंद्र थे। इससे पहले 2011 में हुए नगर निगम चुनाव में शहर में 452 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
शहर में पांच सालों में जहां 68 मतदान केंद्र बढ़े हैं, वहीं मतदाताओं की संख्या पांच सालों में 58 हजार ही बढ़ी है। कई मतदान केंद्रों में मतदाताओं की संख्या काफी बढ़ी है तो कुछ में कम हुई है।
यूटी प्रशासन के चुनाव विभाग की ओर से 6 जनवरी, 2014 को चंडीगढ़ संसदीय चुनाव क्षेत्र की नई मतदाता सूची जारी की गई है।
इस सूची के अनुसार शहर में कुल 5, 80, 700 मतदाता हैं। वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में 5, 22, 650 मतदाता थे। वर्ष 2011 में हुए नगर निगम चुनाव में चंडीगढ़ में 5, 06, 171 मतदाता थे।
ऐसे में पिछले दो सालों में चंडीगढ़ के चुनाव विभाग ने नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए कई तरह के अभियान चलाए। इस साल चुनाव विभाग की ओर से दो महीनों तक चलाए अभियान में 55, 455 मतदाता नए जोड़े गए थे।
लोक सभा चुनाव के एक माह पहले तक नए वोट बनेंगे। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार लोक सभा चुनाव में चंडीगढ़ के लगभग 5.85 लाख मतदाता वोट डालेंगे।