हरियाणा सरकार से अपनी मांगें पूरी कराने के लिए कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कच्चे कर्मचारियों की नौकरी बचाने सहित अन्य मांगों को लेकर वीरवार को लगभग साठ हजार कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में जेल भरो आंदोलन के तहत गिरफ्तारियां दी। नारेबाजी करते हुए कर्मचारी डीसी कार्यालयों पर पहुंचे। फरीदाबाद सहित अनेक जगह पुलिस ने गिरफ्तारी नहीं ली तो कर्मचारी खुद ही पुलिस स्टेशन पहुंच गए।
सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व में सीटू सहित अनेक कर्मचारी संगठन जेल भरो आंदोलन में शामिल हुए। संघ ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 30 जून तक हाईकोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए सरकार अध्यादेश नहीं लाई और कर्मचारियों की अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की तो पहली से 10 जुलाई तक सभी विधायकों के आवास पर प्रदर्शन किए जाएंगे।
15 जुलाई से 15 अगस्त तक जनसेवा के विभागों में रोजगार बचाने के लिए जन अभियान चलाया जाएगा। आंदोलन की अगली कड़ी में आगामी विधानसभा सत्र के दूसरे दिन प्रदेश के लाखों कर्मचारी विधानसभा कूच करेंगे और चंडीगढ़ से ही अनिश्चितकालीन प्रदेशव्यापी हड़ताल का एलान कर देंगे।
निर्णायक लड़ाई को तैयार : संघ
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फौगाट, महासचिव सुभाष लांबा, वरिष्ठ उप प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, मुख्य संगठनकर्ता बीरेंद्र सिंह, प्रवक्ता इंद्र सिंह बधाना व उपाध्यक्ष सबिता ने बताया कि भारी बारिश के बावजूद कर्मचारियों ने एकत्रित होकर सामूहिक गिरफ्तारी दी। करीब सभी जिलों में प्रशासन की ओर से किए गए प्रबंध कम पड़ गए। कर्मचारियों में रोष है और वह अब नर्णायक लड़ाई के लिए तैयार है ं।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में हाई कोर्ट के निर्णय से प्रभावित कर्मचारियों की नौकरी बचाने के लिए अध्यादेश जारी करना, ठेका प्रथा समाप्त कर सभी प्रकार के पार्ट टाईम व अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करना, समान काम, समान वेतन, नौकरी की सुरक्षा प्रदान करना, पंजाब के समान वेतनमान व पेंशन देने, कर्मचारी संगठनों के साथ किया समझौतो को लागू करना, आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील व आशा वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतनमान देने, कर्मचारियों एवं पेंशनर्ज एंव उनके आश्रितों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, मकान किराया व मेडिकल भत्तों में बढ़ोतरी करने, जोखिम पूर्ण कार्य करने वाले कर्मचारियों को जोखिम भत्ता देने, खाली पड़े लाखों पदों को प्रमोशन व नियमित भर्ती से भरने व जन सेवा के विभागों को मजबूत करते हुए जनता को बेहतर जन सुविधाएं देना।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति जल्दी देगी रिपोर्ट : जैन
मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने कहा कि अदालत के निर्णय को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर रही है। सरकार कर्मचारियों के हितों को लेकर पूरी तरह से गंभीर और संवेदनशील है।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल कर्मचारियों के हित में लगातार कदम उठा रहे हैं। अदालत के निर्णय से प्रभावित कर्मियों की नौकरी बचाने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए सरकार को जल्दी अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।