कालका रेलवे क्वार्टर के पास 26 जनवरी को मिली अनामिका को गोद लेने के लिए अब तक करीब 60 लोग सामने आ चुके हैं, लेकिन उसके पैर में जख्म होने के कारण अभी उसे अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है।
चाइल्ड वेलफेयर काउंसिल की एडॉप्शन अधिकारी पूनम सूद ने बताया कि 1-6 माह तक के बच्चों को गोद लेने के लिए 60 लोगों की वेटिंग है और अनामिका सबसे कम उम्र की बच्ची है। इसलिए लोगों की यह पहली पसंद भी है।
नियम के अनुसार, बच्ची के मिलने के 90 दिनों के भीतर पुलिस को रिपोर्ट सौंपनी होती है। पुलिस क्लीयरेंस के 15-20 दिन बाद ही इस बच्ची को कोई गोद ले सकता है।
गोद लेेने के सभी मानकों पर खरा उतरने पर वरीयता के आधार पर बच्ची को गोद दिया जाएगा।
चार दिनों में दो सौ ग्राम बढ़ा वजन
अनामिका का वजन पिछले चार दिनों में दो सौ ग्राम बढ़ा है। उसे जब अस्पताल लाया गया था तो उसका वजन दो किलो था। अब उसका वजन 2.6 किलोग्राम हो गया है।
सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल के निकू वार्ड में उपचाराधीन अनामिका का शुगर लेवल और प्लेटलेट्स भी नार्मल है। निकू वार्ड में ड्यूटी पर तैनात मेडिकल आफिसर डा. अतुल ने बताया कि मंगलवार को अनामिका का शुगर लेवल 120 और प्लेटलेट्स दो लाख के करीब पहुुंच चुका है।
उसके दाहिने पैर का जख्म काफी बड़ा है। जख्म भरने समय लग सकता है।