शहर के प्राइवेट स्कूलों द्वारा प्राइवेट पब्लिशर्स की किताबें सिलेबस में लगवाने, कैंपस में बुकशॉप खोलकर महंगी किताबें और ड्रेस खरीदने को मजबूर करने के खिलाफ अभिभावकों ने शिक्षा विभाग को शिकायतें भेजी हैं। दो मई को डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन (डीएसई) ने प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ शिकायतों को सुनने के लिए कमेटी का गठन किया था।
20 मई को प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ अभिभावकों की शिकायतें स्वीकार करने का आखिरी दिन था। विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार करीब 160 अभिभावकों ने ईमेल, व्हाट्सअप और ईमेल से भेजी हैं, लेकिन इनमें से करीब 85 से 90 शिकायतें ही सही तरीके से भेजी गई हैं। अधिकारियों के अनुसार अगले हफ्ते सभी शिकायतों को जांच कमेटी को सौंप दिया जाएगा।
डीएसई ने 31 मई तक सभी शिकायतों की जांच रिपोर्ट तैयार कर यूटी प्रशासन के आला अधिकारियों के पास भेजने का समय तय किया है। सूत्रों के अनुसार जांच कमेटी को अभी रिपोर्ट तैयार करने में समय लग सकता है। शिक्षा विभाग को पहले भी शिकायतें दर्ज करने की तिथि 13 से बढ़ाकर 20 मई करनी पड़ी थी।
नई फीस पॉलिसी पर आ रहे सुझाव
प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलने और अन्य खर्चों पर लगाम कसने के लिए यूटी प्रशासन ने नई फीस पॉलिसी ड्रॉफ्ट तैयार किया है। प्रशासक प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने भी इसे मंजूरी दे दी है। यूटी प्रशासन ने एक महीने तक नई फीस पॉलिसी ड्रॉफ्ट पर सुझाव मांगे हैं। अभिभावक डीएसई को ईमेल से फीस पॉलिसी पर सुझाव भेज रहे हैं।
रूबिंदरजीत सिंह बराड़, डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन, चंडीगढ़ ने बताया कि शुक्रवार तक अभिभावकों से प्राइवेट स्कूल संबंधी शिकायतों को जांच कमेटी को सौंप दिया जाएगा। कमेटी हर शिकायत की जांच गंभीरता से करेगी और जरूरत पड़ने पर स्कूल प्रबंधन या शिकायतकर्ता को भी बुला सकती है।