चंडीगढ़। शहरवासी बिजली के अघोषित कट से बेहाल हैं। पिछले कई दिनों से सेंट्रल सेक्टरों को छोड़कर अन्य हिस्सों में रोजाना कुछ-कुछ घंटों के कट लग रहे हैं। सेक्टर-43 में शनिवार दोपहर करीब 3 बजे बिजली गुल हो गई, जो रात 8 बजे आई। क्राफ्ड के चेयरमैन हितेश पुरी ने आरोप लगाया कि जब उनके यहां के कुछ लोग शिकायत दर्ज कराने केंद्र पर गए, तो वहां मौजूद कर्मियों ने शिकायत दर्ज करने से भी मना कर दिया।
हितेश पुरी ने बताया कि उनका बेटा सीए परीक्षा की तैयारी कर रहा है। अगले कुछ दिनों में परीक्षाएं होने वाली हैं। शनिवार को बिजली नहीं होने की वजह से उसने सेक्टर-22 में जाकर पढ़ाई की है, जबकि वह सेक्टर-43 में रहते हैं। पुरी ने कहा कि शहर के लगभग सभी विद्यार्थी व घर से काम करने वाले लोग यही परेशानी झेल रहे हैं। शुक्रवार देर रात कई बार कट लगे। शनिवार सुबह और शाम को भी सेक्टर-45, 41, 43, 40, 63, 51, 22, मलोया और धनास के कुछ हिस्सों में डेढ़ से छह घंटे बिजली गुल रही। कोरोना काल की वजह से अभी भी कई लोग घर से काम कर रहे हैं। इसके अलावा बच्चों की कक्षाएं भी ऑनलाइन चल रही हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी की ओर से भी ऑनलाइन परीक्षाएं ली जा रही हैं। कुछ सेक्टर निवासियों की शिकायत है कि जितनी देर तक बिजली रहती है, उसमें भी अधिकतर समय कम वोल्टेज रहता है। इस कारण गर्मी में पहले से बेहाल लोगों की हालत और ज्यादा खराब हो रही है। यही नहीं, हेल्पलाइन नंबर नहीं मिलने की शिकायत बरकरार है। लोगों का आरोप है कि वह बिजली गायब होने पर अधिकारियों को फोन करते हैं तो वे सुनवाई तक नहीं करते हैं। उनको समस्या के समाधान के लिए कई-कई घंटे तक फोन करना पड़ता है। हेल्पलाइन नंबर नहीं मिलने की कई शिकायतों के बाद भी विभाग इसमें सुधार नहीं कर रहा है।
बीते दिनों कई सेक्टरों में एक साथ बिजली गुल हुई थी तो प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल तक भी मामला पहुंचा था, लेकिन इसके बावजूद कोई बदलाव नहीं हुआ है। बिजली विभाग के अधिकारी इन कट के पीछे का कारण लोड बढ़ना बता रहे हैं। उनका कहना है कि आजकल रात में एक साथ एसी चलाए जाते हैं, जिसकी वजह से कई गुना लोड बढ़ जाता है। शहर में अधिकतर लोग हैं, जिन्होंने घर में मीटर कम पावर का लगाया हुआ है, जबकि उनकी खपत कहीं ज्यादा है। जिनके घर में पहले तीन एसी थे, अब छह हो गए हैं, लेकिन उन्होंने मीटर की क्षमता नहीं बढ़ाई। इससे विभाग को नहीं पता चल पाता कि उस एरिया में कितनी बिजली सप्लाई की जरूरत है। शहर में बिजली समस्या का एक कारण यह भी है।