चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से 58 दिन बाद संघर्षरत अनुबंध कर्मचारियों को सोमवार को वापस नौकरी पर बहाल करने का फैसला लिया गया है। अनुबंध कर्मचारी पिछले 58 दिन से वीसी दफ्तर के बाहर नौकरी पर रखे जाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। इसमें छात्र संगठन एसएफएस के सदस्यों के साथ शोधार्थियों, ट्रेड यूनियन, किसान यूनियनों, श्रमिकों के बच्चों और परिवार के सदस्यों ने सहयोग दिया। एसएफएस के अध्यक्ष संदीप ने कहा कि कर्मचारियों के संघर्ष ने दिखाया है कि श्रमिकों की एकता के बल पर असंवेदनशील और अड़ियल पीयू अधिकारियों को झुकाया जा सकता है। यह मुद्दा हर साल उठता है क्योंकि इन श्रमिकों को ठेकेदारों के माध्यम से आउटसोर्स आधार पर भर्ती किया जाता है। यदि पंजाब यूनिवर्सिटी उन्हें सीधे भर्ती करती है तो यह अधिक व्यवहार्य है। इससे ठेकेदारों को भुगतान की जाने वाली धनराशि की बचत होगी और श्रमिकों की नौकरियां सुनिश्चित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि पंजाब यूनिवर्सिटी नियमित और स्थायी रूप से श्रमिकों की भर्ती करे।