चंडीगढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद चंडीगढ़ की मतदाता सूची से करीब 56 हजार नाम घटने के बीच चुनाव आयोग ने छूटे पात्र मतदाताओं के लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया आसान कर दी है। 30 सितंबर से एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुके क्षेत्रों में ऑनलाइन फॉर्म-6 से अतिरिक्त एनेक्चर डी यानी घोषणा-पत्र हटा दिया गया है। अब पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं और एसआईआर के दौरान नाम नहीं जुड़वा पाने वाले लोगों को माता-पिता या दादा-दादी का चुनावी इतिहास देने की जरूरत नहीं होगी।
चंडीगढ़ में एसआईआर के बाद करीब 56 हजार मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो पुनरीक्षण के दौरान अपना विवरण जमा नहीं करा पाए या किसी वजह से प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। अब पात्र लोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। नगर निगम चुनाव से पहले यह बदलाव अहम है। स्थानीय पार्षद और अन्य नेता भी छूटे लोगों से नाम जुड़वाने की अपील कर रहे हैं।
18 साल के युवाओं को सबसे ज्यादा राहत
बीएलओ के अनुसार, नई व्यवस्था से 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पहली बार वोटर बनने वाले युवाओं को खास राहत मिलेगी। उन्हें अपने माता-पिता या दादा-दादी का पुराना चुनावी इतिहास तलाशने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा जिनका नाम वोटर लिस्ट से कट गया है या दूसरी जगह से चंडीगढ़ आकर नया पंजीकरण कराना है, वे निर्धारित व्यक्तिगत विवरण और पते के प्रमाण के आधार पर आवेदन कर सकेंगे।
इन वार्डों में सबसे ज्यादा घटे वोटर
वार्ड
2021 में वोटर
अब वोटर
कमी
9
21,137
7,378
13,759
7
28,203
19,043
9,160
30
19,213
10,726
8,487
33
18,349
10,441
7,908
16
13,847
9,865
3,982
1
13,210
9,293
3,917
अब माता-पिता का वोट बनवाना आसान होगा
वार्ड-9 निवासी संदीप गुप्ता ने कहा कि एसआईआर के दौरान मेरा वोट तो बन गया था, लेकिन मेरे माता-पिता का वोट नहीं बन सका। हम सभी सोच रहे थे कि उनका वोट कैसे बनेगा। अब फॉर्म-6 से प्रक्रिया आसान होने के कारण माता-पिता का नाम भी आसानी से मतदाता सूची में जुड़वाया जा सकेगा।
वार्ड-9 निवासी विनय कुमार सिंह ने कहा कि मेरा वोट नहीं बन सका क्योंकि नए फॉर्म-6 में काफी ज्यादा जटिलता थी। अब एनेक्चर डी हटने से मेरे लिए वोट बनवाना आसान हो जाएगा। दरअसल, फॉर्म को पहले से ही ऐसा सरल रखना चाहिए था, ताकि लोगों को नाम जुड़वाने में परेशानी न हो।