नगर निगम के तहत शामिल किए गए 56 गांवों और 42 पंचायतों में फिलहाल कोई टैक्स नहीं लगेगा। बुनियादी सुविधाओं का विकास किए जाने के बाद इस मामले से संबंधित गांवों से भी सरकार टैक्स के मद में रुपये वसूले जा सकते हैं। स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल ने शनिवार को बातचीत में ये बातें कहीं।
पंचकूला नगर निगम के वर्ष 2010 में गठन के बाद निगम में 56 गांवों के साथ साथ 42 पंचायतों को भी शामिल किया गया। लेकिन, इन गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पूरे नहीं होने की वजह से सरकार गांवों और पंचायतों को टैक्स से छूट दे दी है। प्रदेश की मंत्री ने कहा कि शहर या गांव के किसी भी क्षेत्र के लिए दोहरी नीति नहीं अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि गांवों में इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के बाद उनसे भी प्रॉपर्टी टैक्स वसूले जाएंगे। इन गांवों एवं पंचायतों में करीब 25 हजार घर हैं, जिन्हें इस फैसले से राहत मिली है। नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी ओपी सिहाग ने कहा कि टैक्स से छूट दिए जाने से लोगों को काफी राहत मिली है। नगर निगम की कोेशिश होगी कि वर्ष 2010 में निगम के गठन के बाद गांवों और पंचायतों को शामिल किया गया था। विकास कार्य पूरा होने के बाद ही गांवों पर टैक्स का प्रावधान किया जाएगा।
13 हजार सफाई कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत जल्द
प्रदेश में सफाई कर्मियों की कमी के कारण अब कार्य प्रभावित नहीं होंगे। शनिवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सावित्री जिंदल ने कहा कि अगले 10-15 दिनों में सफाई कर्मियों की भर्ती को लेकर आदेश जारी होने की उम्मीद है। इससे सफाई कर्मियों की कमी दूर हो जाएगी और कार्योँ में किसी तरह की बाधा भी नहीं आएगी।