रोहतक, फतेहाबाद समेत कई इलाकों में बीते दो दिनों से धूलभरी तेज हवा लोगों को परेशान कर रही है, लेकिन बारिश का अता-पता नहीं है। बादलवाही होती है, लेकिन बरस नहीं पाते। मौसम वैज्ञानिक हरियाण की धरती इस बार अपेक्षाकृत कम तपने और वर्षा चक्र न बनने को कम बारिश का कारण मान रहे हैं।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 12 जुलाई को बारिश की उम्मीद बहुत कम है, जबकि 13 से 15 जुलाई तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश की उम्मीद है। आषाढ़ में बारिश की झड़ी की उम्मीद बहुत कम है, ऐसे में कम बारिश की भरपाई की उम्मीद कम है। अब सावन में अच्छी बारिश की उम्मीद की जा सकती है।