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56 करोड़ की धोखाधड़ी के आरोपी विकास वालिया को नहीं मिली जमानत

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चंडीगढ़। जिला अदालत ने सोमवार को मुंबई व चंडीगढ़ के केनरा बैंक और हीरा व्यापारी से 56.60 करोड़ के धोखाधड़ी के आरोपी विकास वालिया की जमानत याचिका खारिज कर दी। विकास वालिया ने कोरोना महामारी का तर्क देते हुए बीते 30 जून को जमानत याचिका दायर की थी।
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बता दें कि जनवरी 2020 में अदालत ने विकास वालिया को भगोड़ा करार दिया था। बीते 17 जून को पुलिस ने हिमाचल के सोलन से विकास वालिया को गिरफ्तार कर लिया था। विकास वालिया की पिछले एक साल से दिल्ली, मुंबई की सीबीआई समेत चंडीगढ़ पुलिस को तलाश थी। आरोपी कई बैंकों से लगभग 80 करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है।
मामला 2018 का है। पंचकूला निवासी अशोक मित्तल की शिकायत पर पुलिस ने मोहाली के सेक्टर-125 निवासी विकास वालिया के खिलाफ मामला दर्ज किया था। मित्तल ने अपनी शिकायत में बताया था कि विकास वालिया और उसकी पत्नी ने डायमंड ज्वैलरी का बिजनेस शुरू करने का लालच दिया था। कहा था कि इस बिजनेस में बहुत कमाई है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें सूरत से ज्वैलरी मिलती है तो वह उसे ट्राइसिटी में बेचकर काफी लाभ कमा सकते हैं। लिहाजा, उन्होंने एलांते मॉल में एक शोरूम खोल लिया। दोनों के बीच डायमंड स्टोर खोलने के लिए समझौता भी हुआ था।
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विकास वालिया के कहने पर अशोक मित्तल ने डायमंड शोरूम के लिए 22 करोड़ की इन्वेस्टमेंट की थी। बिजनेस के लिए उन्होंने विकास वालिया को 17 करोड़ भी दिए, लेकिन उसने समझौते के मुताबिक काम नहीं किया। उसने डायमंड भी नहीं मंगवाए। अशोक मित्तल के पूछने पर वालिया ने समझौता तोड़ दिया। वालिया ने मित्तल को 13 करोड़ 53 लाख के चेक दिए, जोकि बाउंस हो गए थे। इसके बाद मित्तल ने वालिया के खिलाफ अदालत में केस दायर कर दिया था, जिसमें वालिया को दो साल की सजा हो गई। अदालत में पेश नहीं होने पर जनवरी 2020 में चंडीगढ़ की जिला अदालत ने उसे भगौड़ा घोषित कर दिया था।
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