श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के मौके पर लाखों की तादाद में पहुंच रही संगत में सुरक्षा की भावना को मजबूत करने और किसी भी तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल हुआ।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के को-आर्डिनेटर ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह की ओर से सिविल और पुलिस प्रशासन के उच्चाधिकारियों की मौजूदगी में करवाए गए नकली अभ्यास में हंगामी हालात पर काबू पाने के लिए एनडीआरएफ, पंजाब पुलिस, सेहत विभाग, फायर कंट्रोल की तरफ से तुरंत कार्रवाई अमल में लाई गई।
ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों और विशेष कर सुरक्षा प्रबंधों से सीधे तौर पर जुड़े विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों और शताब्दी समागम के लिए सभी 26 कंट्रोल यूनिटों में तैनात ड्यूटी मजिस्ट्रेट को अंतर विभागीय तालमेल और बेहतरीन संचार व्यवस्था कायम करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की तरफ से 50 लाख से ज्यादा संगत के शताब्दी समागम में आने की उम्मीद है, जिस कारण सभी विभागों को आपसी तालमेल की तरफ सबसे अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
मॉक ड्रिल दौरान सुबह सबसे पहले टेंट सिटी-1, जिसमें लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं के ठहरने का प्रबंध है, इसमें आग लगने की घटना के बारे में नकली अभ्यास करवाया गया। पवित्र काली बेईं में भी व्यक्तियों के डूबने, उनको बचाने और प्राथमिक सहायता देने का अभ्यास करवाया गया।
बता दें कि है कि शताब्दी समागमों दौरान गुरुद्वारा संत घाट से बूस्सोवाल मोड़ तक काली बेईं की 4 किलोमीटर लंबाई है और बेईं की दोनों तरफ बड़ी संख्या में संगत मौजूद रहेगी।
जिला प्रशासन की तरफ से संगत की सुरक्षा के लिए 150 गोताखोरों और तैराकों का प्रबंध किया गया है। इसके बाद गांव जब्बोवाल में इमारत के ढहने और मलबे में फंसे व्यक्तियों को निकालने, प्राथमिक सहायता देने और एंबुलेंस के माध्यम से समीपवर्ती अस्पतालों में भेजने से संबंधित मुकम्मल अभ्यास किया गया।
इस मौके पर एडीसी सामान्य राहुल चाबा, एसपी तेजबीर सिंह, एसडीएम डा. चारुमिता, मेला अफसर नवनीत कौर बल, एसडीम वरिंदरपाल सिंह बाजवा, रणदीप सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।